Bihar : जनता दल यूनाइटेड के विधायक सुधांशु शेखर ने कोतवाली थाने में डॉक्टर संजीव सिंह पर विधायकों के अपहरण करने का मामला दर्ज कराया। इस मामले पर संजीव कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि खुद को मर्द समझते हैं तो सामने आकर बात करें।
नई सरकार और राष्ट्रीय जनता दल के 'खेला' के बीच फ्लोर टेस्ट में नीतीश कुमार की सरकार बनी रह गई। इस दौरान जनता दल यूनाइटेड के दो विधायक आपस में टकरा गये हैं। जदयू के वह दो विधायक सुधांशु शेखर और डॉ. संजीव सिंह हैं। सोमवार को सुधांशु शेखर ने डॉ. संजीव पर विधायकों के अपहरण करने का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद मंगलवार को डॉ. संजीव कुमार ने सुधांशु शेखर पर हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर खुद को मर्द समझते हैं तो सामने आकर हम से बात करें। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि समय आएगा तब सबका हिसाब करूंगा।
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डॉ संजीव कुमार ने दिया जवाब
इस मामले पर जदयू विधायक डॉ संजीव कुमार ने कहा कि नेता के रूप में मैं अपना नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मानता हूं। लेकिन कुछ ऐसे भी नेता हैं जो चाहते हैं कि मैं उनको भी अपना नेता मानूं। यह सारी करनी-धरनी उनकी ही है हमारी दल में। डॉ संजीव कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार को छोड़कर मैं किसी और को अपना नेता नहीं मानने वाला हूं। जनता को भगवान मानता हूं और अपना नेता नीतीश कुमार को मानता हूं। डॉ संजीव कुमार ने कहा कि यह खुद में हास्यास्पद है कि मैं खुद डॉक्टर हूं, एमएलए हूं। मेरे पूरे जीवन में इस तरह का केस आज तक नहीं हुआ है। और अब सीधे किडनैपिंग केस कर रहे हैं। यह बहुत ही हंसी की बात है और किडनैपिंग भी किसकी तो एमएलए की।
जानिए क्यों हुआ मामला दर्ज
जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने डॉ संजीव कुमार पर पटना के कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया, जिसमें महागठबंधन के पक्ष में वोट देने के लिए कुछ जदयू विधायकों को ऑफर देने का आरोप लगाया है। सुधांशु शेखर ने सोमवार को जदयू विधायक डॉ. संजीव पर जदयू की विधायक बीमा भारती और दिलीप राय के अपहरण का मामला दर्ज कराया है।