मां की लापरवाही ने दिव्यांग बच्चे की ले ली जान।
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भागलपुर में एक महिला ने देवी अपने 15 साल के दिव्यांग बेटे को कमरे में बंद कर अपने दूसरे बच्चे को लाने के लिए दो दिन पहले पटना गई थी। घर लौटने पर देखा कि वह बच्चा अचेतावस्था में देखा। आननफानन में महिला उस बच्चे को लेकर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टर ने उस बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मामला बरारी थाना क्षेत्र के सुर्खीकल मोहल्ले की है।
मां की लापरवाही ने ले ली दिव्यांग बच्चे की जान
घटना के संबंध में बच्चे की मां अनीता देवी एन्सेफलाईटिस हुआ था। दिव्यांग होने की वजह से आदित्य में कोई मूवमेंट नहीं होता था। उसे खाना खिलाना पड़ता था या फिर उसे दैनिक क्रिया करवाना पड़ता था। अनीता देवी का कहना है कि परसों वह अपने दूसरे बच्चे को लाने पटना गई थी। पटना जाने के दौरान उसने घर में ताला लगा दिया था। इस वजह से अनीता देवी के जाने के कारण दिव्यांग आदित्य दो दिनों तक भूखा प्यासा रहा जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वही अनीता देवी का कहना है कि वह पहले भी आदित्य को छोड़कर जाती थी।