छत्तीसगढ़ के गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
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प्रैक्टिस से परफेक्शन आता है, लेकिन बिहार की टीम को यह नसीब नहीं होता है। टीम अंतिम समय में बनती है और फिर उसे मैदान से हटाने के लिए बिहार की ही टीम पहुंच जाती है। ऐसे कारनामों के कारण चर्चित टीम को मनोवैज्ञानिक तरीके से हार का रास्ता पहले ही दिखा दिया जाता है। यह मैदान पर भी दिख रहा है। सदी में पहली बार रणजी ट्रॉफी का मैच बिहार में खेला गया तो मुंबई ने मेजबान टीम को पारी से हराया। अब छत्तीसगढ़ की टीम दूसरा मैच खेलने पहुंची तो टॉस जीतकर बिहार को बल्लेबाजी के लिए बुलाया। मौसम साफ था तो समय पर मैच शुरू हुआ। फिर धड़ाधड़ विकेट जाते गए। सिर्फ एक बार पार्टनरशिप खिंची, बाकी समय आए-गए वाली स्थिति रही। लंच तक 97 रन बने और बिहार के सात बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। सिर्फ बिपिन सौरभ ने 49 और सकीबुल गनी ने 30 रन बनाए। बाकी शून्य से पांच तक बना सके। कप्तान आशुतोष अमन पांच और वीर प्रताप सिंह छह रन बनाकर लंच के बाद खेलने उतरे तो खराब रोशनी से खेल रुका। शुरू हुआ तो पूरी टीम 108 रनों पर बिहार की पूरी टीम लौट गई। इसके बाद छत्तीसगढ़ की टीम ने एक विकेट खोकर 90 रन बना लिए। केडी एकनाथ 25 रन बनाकर आउट हुए। ऋषभ तिवारी कल 42 रन और आशुतोष सिंह 16 रन से आगे खेलेंगे। एकनाथ को बिहार के आकाश राज ने पवेलियन भेजा।
32 में से 11 ओवर मेडन, एक ने निपटाए चार
बिहार के बल्लेबाजों पर छत्तीसगढ़ के गेंदबाज कितने भारी पड़े, यह इस हिसाब से समझा जा सकता है कि लंच तक 32 ओवर का खेल हुआ और उसमें 11 ओवर मेडल गए। एक ही गेंदबाज रवि किरण ने चार विकेट गिरा दिए। जेपी बुट्टे ने दो, जबकि वासुदेव बरेथ ने एक विकेट हासिल किया। अंडर 14 प्लेयर वैभव सूर्यवंशी को लेकर जितना रोमांच था, वह दूसरे मैच और कुल मिलाकर उनकी तीसरी पारी में भी बेकार नजर आया। इस बार वह बिना खाता खोले लौट आए। बगैर खाता खोले लौटने वाले बिहार के बल्लेबाजों में सूर्यवंशी के अलावा बाबुल कुमार और आकाश राज का भी नाम रहा। सरमन निग्रोध ने पांच रन बनाए, जबकि सचिन कुमार सिंह एक रन बनाकर लौट आए। लंच के बाद मौसम सुधरने पर खेल शुरू हुआ तो आशुतोष अमन एक रन जोड़कर छह के व्यक्तिगत स्कोर पर लौट गए। वीर प्रताप सिंह दो रन जोड़कर आठ के व्यक्तिगत स्कोर पर लौट गए। अंत में आउट हुए हिमांशु सिंह ने भी छह ही रन जोड़े।
गिरे तो हर ओवर में विकेट गिरते गए
बिहार की ओर से रणजी ट्रॉफी मैच की इस पहली पारी में सिर्फ बिपिन सौरभ और सकीबुल गनी के बीच 78 रनों की साझेदारी दिखी। इससे पहले, पांचवें ओवर में वैभव सूर्यवंशी, छठे ओवर में सरमन निग्रोध, सातवें ओवर में बाबुल कुमार और आठवें ओवर में आकाश राज पवेलियन लौट चुके थे। नौवें से 25वें ओवर तक बिपिन सौरभ और सकीबुल गनी ने मैदान थामे रखा और एक समय ऐसा लगा कि अब बिहार की टीम सम्मानजनक स्थिति में पहुंच जाएगी। लेकिन, फिर 26वें ओवर में बिपिन सौरभ, 27वें ओवर में सचिन कुमार सिंह और 28वें ओवर में सकीबुल गनी पवेलियन लौट गए। चार ओवर से फिर विकेट गिरना रुका हुआ है और आशुतोष अमन के साथ वीर प्रताप सिंह की 11 रनों की साझेदारी के बाद लंच हुआ। लंच के बाद मौसम खराब रहने के कारण खेल शुरू होने में देर हुई। खेल शुरू हुआ तो 36वें, 37वें और 39वें ओवर में एक-एक विकेट गिरा और बिहार की पूरी पारी 108 पर पवेलियन में नजर आयी।