Bihar News : राज्य के मधुबनी एवं सुपौल जिले के बीच कोसी नदी पर 10.2 किलोमीटर लंबे पुल के निर्माणाधीन स्पैन 153-154 गिरने की प्राथमिक वजह केंद्र सरकार ने बता दी है। यह भी बताया है कि मृतक मजदूर के परिजन और घायलों को मुआवजा दे दिया गया है।
सुपौल और मधुबनी जिले को जोड़ने के लिए कोसी नदी पर बन रहा देश के सबसे लंबे पुल का बड़ा हिस्सा गिर गया। इसमें दबने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि नौ से अधिक मजूदर घायल हो गये। इस पुल की लम्बाई 10.2 किलो मीटर है जो भेजा-बकौर के बीच कोसी नदी पर बन रही है। इस पुल में कुल 170 स्पैन हैं। प्रत्येक स्पैन की लम्बाई लगभग 60 मीटर है (भेजा की तरफ से पिलर संख्या 1 एवं बकौर की तरफ से पिलर संख्या 171 है)। इस पुल का निर्माण मेसर्स गैमन इंजीनियरस एवं कान्ट्रैक्टर प्राईवेट लिमिटेड और मेसर्स ट्रान्सरेल लाइटिनिंग लिमिटेड (जॉइंट वेन्चर) इस खण्ड का निर्माण कर रही है।
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घटना की बताई वजह
शुक्रवार को हुए इस घटना को लेकर बताया जा रहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि ट्रेलर पर रखे सेग्मेन्ट को उठाते समय पिन के टूट जाने से निर्माणाधीन स्पैन 153-154 गिर गया। साथ ही यह भी कहना है कि इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट ब्रिज विशेषज्ञों के स्थल निरीक्षण के उपरान्त ही प्राप्त हो सकती है।
परिजनों को मिला आर्थिक मुआवजा
घटनास्थल पर मौजूद कर्मियों का कहना है कि इस हादसे में 11 मजदूर घायल हुए हैं। घायल मजदूरों को आननफानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसमें 10 मजदूर खतरे से बाहर हैं। एक मजदूर की मौत अस्पताल ले जाने के दौरान हो गई। अधिकारियों का कहना है कि मृतक मजदूर के परिजन को दस लाख तथा घायल मजदूरों के परिजन को एक-एक लाख रुपये आर्थिक मदद किये गये हैं।
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घटनास्थल पर पहुंची जांच टीम
घटना की जांच के लिए मौके पर तीन प्रतिष्ठित ब्रिज विशेषज्ञ पहुंचे। उन विशेषज्ञों में ए.के.श्रीवास्तव, महेश टंडन और जी. एल. वर्मा शामिल हैं। ये लोग दुर्घटना के कारणों को जानने और ब्रिज का आकलन करने का काम करेंगे। जांच टीम का कहना है कि पुल के गिरने की जांच की जा रही है।