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Muzaffarpur News: पूर्व सांसद आनंद मोहन 28 साल पुराने मामले में बरी, CM केजरीवाल पर कही यह बात

Fri, 22 Mar 2024 07:01 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

पूर्व सांसद आनंद मोहन को 28 साल पुराने मामले में जमानत मिल गई है। वहीं, उन्होंने कोर्ट का आभार जताया है। पूर्व सांसद ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल पर ईडी की कार्रवाई को लेकर अपनी राय व्यक्त की है।
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पूर्व सांसद आनंद मोहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के चर्चित बाहुबली नेता आनंद मोहन 28 साल पुराने मामले में कोर्ट द्वारा बरी कर दिए गए।आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना में साल 1996 में एक मामला दर्ज कराया गया था और मुजफ्फरपुर के सेंट्रल जेल के कैदी अशोक मिश्रा ने यह आरोप लगाया था कि आनंद मोहन मुन्ना शुक्ला, रामू ठाकुर सहित कई अन्य लोगों ने जेल के अंदर ही अशोक मिश्रा के साथ में मारपीट की थी।उसके बाद से इसी मामले को लेकर मिठनपुरा थाना में केस दर्ज कराया गया था।

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मामले की सुनवाई के बीच में ही कई आरोपियों की मौत हो गई और पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला को बरी कर दिया गया पर आनंद मोहन पर मामला लंबित था। आनंद मोहन न्यायालय में उपस्थित हुए और केस के फैसले में आनंद मोहन को रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद आनंद मोहन ने कोर्ट को धन्यवाद दिया और अपने समर्थकों के साथ में लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की।

वर्तमान चुनाव में शिवहर लोकसभा सीट पर अपने दावेदारी की पुष्टि करते हुए आनंद मोहन ने कहा कि शिवहर की जनता ने मुझे दो बार अब एमपी बनने का आशीर्वाद दिया और एक बार मुझे मामूली अंतर से हरा दिया गया था। वर्तमान लोकसभा चुनाव में अब लवली जी शिवहर से संभावित उम्मीदवार हैं और मुझे आशा है कि शिवहर की जनता लवली जी को निश्चित रूप से जीत प्रदान कराएगी। मैं खुद अभी क्षेत्र में ही जा रहा हूं।
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वहीं, पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि ईडी की कार्रवाई को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल अगर निर्दोष हैं तो उनको भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए। हमने 28 साल भरोसा रखा है तो अब मुझे जाकर न्याय मिला है। न्याय व्यवस्था पर देश को फक्र है और करना चाहिए भी। पूरे मामले की जानकारी देते हुए आनंद मोहन के अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मिठनपुरा थाना केस संख्या 40/96 एक मामला था। जेल में रहते हुए ही जेल के एक कैदी अशोक मिश्रा ने एक आरोप लगाया था, जिसमे कथित रूप से मारपीट का आरोप लगाया गया था। साक्ष्य के अभाव में आनंद मोहन को रिहा कर दिया गया है, जिसे लेकर लोगों में खुशी है।

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