जानकारी के मुताबिक, मांझी थाना क्षेत्र के फतेहपुर सरैया गांव स्थित राम जानकी मठ परिसर में दूसरे स्थान से लाकर श्रीराम तथा जानकी की क्षतिग्रस्त प्रतिमा फेंक दी गईं। ये मूर्तियां मांझी पुलिस ने बरामद कीं। बता दें कि महज डेढ़ फुट लंबी इन दोनों मूर्तियों का वजन करीब पचास किलो है।
जांच में सामने आया है कि दोनों मूर्तियां स्थानीय राम जानकी मंदिर परिसर के बक्से से करीब बीस महीने पहले चोरी हुई थीं। मूर्तियां बरामद करने के बाद पुलिस ने छपरा से डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया और मामले की जांच की। पुलिस अब संदेह के आधार पर मूर्ति चोरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। हालांकि, बरामद मूर्तियों के हाथ-पैर, आंख और कुंडल आदि चोरों ने निकाल लिए हैं।
बता दें कि कथित रूप से करोड़ों रुपये की अष्टधातु से बनी तीन मूर्तियों की चोरी साल 2009 में पुजारी को बंधक बनाकर की गई थी। हालांकि, साल 2012 में इन मूर्तियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश से बरामद कर लिया था, तब से ये मूर्तियां मंदिर के बक्से में बंद थीं। हालांकि, साल 2019 में चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर इन मूर्तियों को दोबारा चोरी कर लिया। अब सोमवार (7 जून) रात उन्हें चुपके से मंदिर परिसर में ही फेंककर चले गए।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोगों में हैरानी है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस को घटनास्थल से एक नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने लिखा है कि इस कदम से शायद उनके पाप कम हो जाएं। लोगों का कहना है, 'चोरों को मालूम है कि भगवान उनके कुकृत्यों का हिसाब लेंगे। ऐसे में चोरों ने अपना पाप कम करने के लिए मूर्तियों को वापस कर दिया।