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Bihar News : यहां लगता है विश्व का सबसे बड़ा भूत मेला, पूरी रात तांत्रिक खेलते रहे भूत भगाने का खेल

Mon, 27 Nov 2023 10:18 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

मेले में आए लोगों ने कहा कि भूत को पकड़ने और भगाने के लिए भारी संख्या में भगत और ओझा भी इस मेले में पहुंचते हैं। जहां पर भगत और ओझा की दुकान पूरी रात चलती रही। 
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भूतों को पकड़ने और भगाने का दावा करने वाले ओझा भी इस मेले में बड़ी संख्या में आकर मंडली लगाते हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हमारा देश आज चांद पर चला गया लेकिन अभी भी लोग अंधविश्वास की तरफ लोगों का झुकाव है। कई इलाकों में आज भी अंधविश्वास, साइंस पर भारी पड़ता साफ नजर आ जाता है। इसका जीता जागता उदाहरण कार्तिक पूर्णिमा की रात हाजीपुर के कौनहाराघाट घाट में देखने को मिला। यहां भूत भगाने का खेल पूरी रात कौनहाराघाट घाट पर चलता रहा। चौंकाने वाली तो यह है कि इस मेले को लेकर वैशाली जिला प्रशासन भी लगभग एक महीना से इस भूत के मेले के आयोजन के लिए लगातार मेहनत करती नजर आती है। विधि व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी हमेशा अलर्ट मोड पर रहते हैं।

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ओझाओं के दावे भी आपको अजूबे लगेंगे
मेले में आए लोगों ने कहा कि भूत को पकड़ने और भगाने के लिए भारी संख्या में भगत और ओझा भी इस मेले में पहुंचते हैं। जहां पर भगत और ओझा की दुकान पूरी रात चलती है। तांत्रिक रात भर चलने वाले इस अनुष्ठान के दौरान भूत से परेशान लोगों को निजात दिलाते दिखते हैं। भूतों को पकड़ने और भगाने का दावा करने वाले ओझा भी इस मेले में बड़ी संख्या में आकर अपनी मंडली लगाते हैं। जगह-जगह ओझाओं की मंडली सजी होती है। जो अलग-अलग अनुष्ठान कर रहे होते हैं। भूत भगाने का तस्वीर देखने को मिलती है। यहां अजीबोगरीब दृश्य दिखता है। कहीं तो भूत भगाने के लिए महिलाओं को बालों से खींचा जाता है। तो कहीं छड़ी यानी स्थानीय भाषा में जिसे बेत कहते हैं। उनसे पिटाई भी की जाती है। भूतों के इस अजूबे मेले में आए ओझाओं के दावे भी आपको अजूबे लगेंगे। सबसे मजेदार बात ये होती है कि भूतों की भाषा सिर्फ ओझा और भगत समझते हैं।
 

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भूत मेले में लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
गज की भगवान विष्णु ने जान बचाई थी
बता दें कि हाजीपुर के कोनहारा घाट ऐतिहासिक घाट है। इस घाट पर स्वयं भगवान विष्णु ने अवतार लिया था। इस घाट पर गज और ग्राह की लड़ाई हुई थी। इसमें ग्राहक गज को पानी में खींचकर डुबो रहा था, तब गज भगवान विष्णु को याद किया और प्रार्थना किया तो भगवान विष्णु गज की रक्षा करने के लिए हाजीपुर के घाट पर अवतार लिए और गज और ग्राह की लड़ाई को खत्म कर और गज की भगवान विष्णु ने जान बचाई थी। पूरे मेले क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा एवं भारी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। विभिन्न चौक चौराहे रेलवे स्टेशन सहित तमाम जगहों पर मजिस्ट्रेट एवं 800 पुलिसकर्मी की तैनाती जिला प्रशासन ने किया था। जिला प्रशासन द्वारा ड्रोन कैमरे से भी पूरे मेले पर नजर रखे जा रहे थे। वैशाली डीएम और एसपी खुद पूरे मेले की मॉनिटरिंग करने में कंट्रोल रूम में मौजूद थे। रात से लेकर आज सुबह तक पुलिस और प्रशासन के पदाधिकारी कौनहाराघाट पर बैठे रहे। बिहार के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में पहुंचे। श्रद्धालु ने सुबह होते ही गंडक नदी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन डुबकी लगाई।
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