बेगूसराय सदर अस्पताल के ICU के बगल वाले डायलिसिस रूम में अचानक आग लग गई । इससे डायलिसीस व ICU में धुआं -धुआं हो गया। आग लगने से आइसीयू में इलाजरत मरीज व परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन अपने मरीज को आइसीयू कमरे से लेकर भागने लगे। गनीमत रही कि उस वक्त डायलिसिस रूप में कोई भी मरीज मौजूद नहीं था। जबकि डायलिसिस रूम के बगल में आईसीयू में लगभग एक दर्जन मरीजों का इलाज चल रहा है।
मरीजों ने दी जानकारी
मरीज के परिजनों ने बताया कि उनलोगों ने धुआं निकलते देख इसकी जानकारी चिकित्सक को दी। आग लगने की सूचना मिलते ही चिकित्सक एवं अस्पताल कर्मी वहां पहुंचे। वे लोग डायलिसिस रूम का शीशा तोड़कर अंदर घुसे। अस्पताल कर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत अग्निशमन को दी। हलांकि अस्पताल कर्मियों और वहां मौजूद वहां मौजूद कर्मियों के द्वारा किसी तरह आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक डायलिसिस रूम का धुँआ पूरे आईसीयू में फैल चुका था जिससे वहां मौजूद मरीजों का दम घुटने लगा। तत्पश्चात किसी तरह सभी मरीजों को भी बाहर निकाला गया। फिलहाल मरीजों को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी की जा रही है।
आग लगने की वजह
आग लगने की वजह क्या है फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन लोगों का अनुमान है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। मलवा निकालने और साफ सफाई करने के बाद जांच के बाद स्पष्ट हो पायेगा कि यह आग कैसे लगी।
एक घंटा का बैटरी बैकअप
आइसीयू चिकित्सक ने बताया कि डायलीसिस कमरे से ही आईसीयू में भी बिजली आपूर्ति होती है। शार्ट शर्किट से आग लगने से अब ICU की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है। ऐसे में ICU में इलाजरत मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि आईसीयू में बैटरी बैकअप मात्र एक घंटा का है। बिजली आपूर्ति अगर जल्द बहाल नहीं की गई तो आईसीयू में भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ जाएगी। मतलब यह कि आग लगने से भले ही कोई मरीज हताहत नहीं हुआ लेकिन बिजली आपूर्ति अगर तुरंत बहाल नहीं किया गया तो ICU में इलाजरत मरीजों की जान मुश्किल में पड़ सकती है।