चार-शून्य के गणित से महागठबंधन ध्वस्त हो चुका है
शनिवार दोपहर तक चारों सीटों पर उपुचनाव के नतीजे सामने आए तो सियासी गलियारे के एक खेमे में जश्न का माहौल है और दूसरे में मायूसी। तीन सीटों पर 2020 के विधानसभा चुनाव में जीतने वाले महागठबंधन को हार मिली। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा ने अपनी
एक सीट कायम रखी। यानी तीन-एक के मुकाबले जहां महागठबंधन आगे था वहां अब चार-शून्य के गणित से महागठबंधन
ध्वस्त हो चुका है। तीन सीटों (रामगढ़, बेलागंज, तरारी) पर प्रतिष्ठा बचाने और एक सीट (इमामगंज) को जीतने के लिए तेजस्वी यादव ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। राजद का गढ़ माने जाने वाले बेलागंज में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव खुद भी प्रचार के लिए उतरे थे। उन्होंने जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र यादव के बेटे डॉ. विश्वनाथ के लिए वोट भी मांगा। मुस्लिम-यादव पर भी खूब फोकस किया था। दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को भी बुलाया गया। लेकिन, इन सबके बावजूद राजद जीत नहीं मिली। हां, जीत के साथ बेलागंज जदयू की इंट्री जरूर हो गई।
जदयू-भाजपा के बीच समन्वय का भी दिखा असर
अब सवाल है कि क्या जनता ने तेजस्वी यादव के साथ-साथ लालू प्रसाद यादव को भी आईना दिखा दिया है? यह सेमीफाइनल नहीं था। इसमें अलग-अलग तरह के समीकरण और स्थानीय मुद्दे हावी रहे। कुछ राजनीतिक पंडित इसे लोकसभा चुनाव का असर भी बता रहे। क्योंकि इन सीटों पर जिन्हें जनता ने 2020 में चुनाव था, उनमें से कुछ लोकसभा चुनाव में जीत कर संसद पहुंचे। राजनीतिक पंडितों की मानें तो चुनाव के पहले सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की महाबैठक हुई थी। इसमें सबसे ज्यादा फोकस आपसी समन्वय बनाने पर दिया गया था। बार बार प्रमुख नेता एक होकर लड़ने की बात कर रहे थे। चारों सीटों पर यह फैक्टर साफ साफ दिखा।
जनता ने तीन सीटों पर जनसुराज को तीसरे नंबर ला दिया
इतना ही नहीं चुनावी रणनीतिकार
प्रशांत किशोर के दावे की भी पोल खुल गई। दो अक्टूबर को जब प्रशांत किशोर ने अपनी नई पार्टी जनसुराज का एलान किया तो उसी वक्त बेलागंज, इमामगंज, तरारी और रामगढ़ में उम्मीदवार उतारे की भी बात कही थी। प्रशांत किशोर ने इन चारों सीटों पर जीत का दावा भी किया था। लेकिन, जनता ने तीन सीटों पर जनसुराज को तीसरे नंबर और एक सीट पर चौथे नंबर पर ला दिया।
आइए जानते हैं जनता ने किस सीट पर किस प्रत्याशी को चुना....
बेलागंज और इमामगंज में एनडीए प्रत्याशियों की जीत
बेलागंज और इमामगंज विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। दोनों विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशियों ने
बाजी मार ली है। महागठबंधन दूसरे और प्रशांत किशोर की पार्टी को तीसरे नंबर पर जनता ने पहुंचा दिया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी इमामगंज से अपनी किस्मत आजमा रही थीं। मतगणना की शुरुआत में वह पीछे चल रही थी। लेकिन, पांचवे राउंड की गिनती में उन्होंने आगे चल रहे राजद के रोशन मांझी को पछाड़ दिया। इसके लिए लगातार बढ़त बनाईं रहीं। 5,945 वोटों के अंतर से उन्होंने जीत हासिल की। जनसुराज के प्रत्याशी जितेंद्र पासवान तीसरे नंबर पर रहे। बेलागंज में जदयू की मनोरमा देवी को 72178 वोट मिले। राजद उम्मीदवार विश्वनाथ कुमार सिंह को 51210 वोट मिले। इस तरह मनोरमा देवी ने राजद प्रत्याशी को 20993 मतों से हरा दिया।