फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News : बिहार के यूनिवर्सिटी का शातिरों ने बना डाला सोशल मीडिया पर चैनल, कुलपति ने कहा होगी कार्रवाई

Fri, 06 Sep 2024 08:11 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar : कुछ फर्जी लोगों ने बिहार के एक विश्व विद्यालय के नाम पर फर्जी  चैनल बनाया है। ऐसा कर के छात्र-छात्राओं के साथ फ्रॉड किया जा रहा है। यही नहीं उन्हें गुमराह करने के लिए यूनिवर्सिटी के नोटिस को टेलीग्राम की चैनल पर भी डाल दिया है। 
विज्ञापन
बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर बिहार यूनिवर्सिटी, मुजफ्फरपुर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह ने मुजफ्फरपुर के बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर बिहार यूनिवर्सिटी का सोशल मीडिया पर चैनल बनाया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि बीआरएबीयू के नाम पर एक चैनल क्रिएट करके छात्र-छात्राओं के साथ फ्रॉड किया जा रहा है। यही नहीं गुमराह करने के लिए यूनिवर्सिटी के नोटिस को टेलीग्राम की चैनल पर भी डाल दिया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि बीआरएबीयू के नाम पर टेलीग्राम पर करीब डेढ़ दर्जन चैनल और ग्रुप अनाधिकृत रूप से चल रहे हैं, जिसमें टेलीग्राम पर चैनल और ग्रुप की संख्या ज्यादा है। इनसे हजारों स्टूडेंट्स भी जुड़े हैं और इन ग्रुप और चैनलों पर विश्वविद्यालय से संबंधित सूचनाएं वायरल होती हैं, जिससे छात्र गुमराह हो रहे हैं। खासकर परीक्षा विभाग से जुड़ी सूचनाओं को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बन जा रही है। इस बात की जानकारी के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन भी अलर्ट पर आ गई है। इस बात की जानकारी होने के बाद कुलपति ने इसको लेकर छात्र-छात्राओं को ऐसे लोगों से बचने की सलाह दे रहे हैं।

विज्ञापन


कुलपति ने कहा की जाएगी सख्त कार्रवाई 
इस मामले में कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय का कहना है कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर बिहार यूनिवर्सिटी का सोशल मीडिया पर चैनल बनाकर छात्रों को गुम्राज करने की   जानकारी मिली है और हम इस तरह के मामले को किसी भी सूरत में अनदेखी नहीं करेंगे। पुलिस प्रशासन को भी अवगत कराया जायेगा और इस मामले को हम गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करेंगे। कुलपति ने कहा कि ऐसे लोग जो भी शिक्षण संस्थान के नाम पर फ्रॉड करने और गुमराह करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाएगा और इस संबंध में पुलिस को भी जानकारी दी जाएगी। कुलपति ने कहा कि अब  अब छात्रों को अगर कोई भी सूचना या फिर किसी जानकारी की जरूरत है तो वह इसके लिए सीधा यूनिवर्सिटी प्रशासन से संपर्क करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें