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Bihar : किसान समागम में CM नीतीश ने सुनी समस्याएं, समझे सुझाव...चौथे कृषि रोडमैप में दिखेगा इसका असर

Tue, 21 Feb 2023 08:02 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Nitish Kumar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मार्च तक तीसरे कृषि रोडमैप पर काम चल रहा है। चौथा कृषि रोड मैप बनाकर उस पर आगे काम करेंगे। इसके लिए आज के इस किसान समागम में हमने किसानों के सुझाव सुने हैं। 
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किसान समागम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बापू सभागार में चतुर्थ कृषि रोड मैप के सूत्रण के लिए आयोजित किसान समागम का उद्घाटन किया। समागम मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान समागम में राज्यभर से आये सभी किसानों का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। बिहार में कृषि के विकास के लिए कृषि रोडमैप बनाया गया। वर्ष 2008 में पहले कृषि रोडमैप पर काम शुरु हुआ। इस कृषि रोडमैप पर काम चार साल चला। वर्ष 2012- 2017 तक दूसरे कृषि रोडमैप के आधार पर 5 साल काम हुआ। इसी तरह वर्ष 2017 से लेकर से अबतक तीसरे कृषि रोडमैप पर काम चल रहा है। मार्च तक कृषि रोडमैप बनकर तैयार हो जायेगा। पिछले बार की तरह ही हमलोग राष्ट्रपति को बुलाकर चौथे कृषि रोडमैप का शुभारंभ करायेंगे।
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आजकल नई टेक्नोलॉजी लोग सदुपयोग कम बल्कि दुरुपयोग ज्यादा करते हैं। पहले क्या स्थिति थी अब बदलाव आया है, इसे भूलियेगा मत। बिहार के विकास को लेकर हमलोग काम कर बिहार का और विकास करेंगे। बिहार आगे बढ़ेगा तभी देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने तय किया कि एक और कृषि रोडमैप यानी चौथा कृषि रोड मैप बनाकर उस पर आगे काम करेंगे। बिहार में कृषि के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। आज के इस किसान समागम में हमने किसानों के सुझाव सुने हैं। उनकी बातों को सुनकर मुझे काफी खुशी हुई है। हम तो शुरु से चाहते हैं कि राज्य में कृषि का विकास हो।

बिहार की 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां फसलों का उत्पादन काफी कम होता था लेकिन अब हर चीज का उत्पादन बढ़ा है। बिहार में मक्का का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 27.39 क्विंटल से बढ़कर 52.36 क्विंटल हो गया है। गेहूं का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 23.25 क्विंटल से बढ़कर 30. 78 क्विंटल हो गया है। इसी तरह धान का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 12.37 क्विंटल से बढ़कर 24.96 क्विंटल हो गया है। बिहार में दूध, सब्जी और मछली का उत्पादन भी काफी बढ़ा है। बिहार में पहले सिर्फ 2.88 लाख मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन होता था। हमलोगों का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 8 लाख मीट्रिक टन करने का है। कृषि रोड मैप के क्रियान्वयन के पश्चात् राज्य का वर्तमान मत्स्य उत्पादन 7.62 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में कई तरह के काम किए जा रहे हैं। हमने स्वयं सहायता समूह का गठन कराया और जीविका दीदी नामकरण किया। जीविका दीदियां कृषि, पशुपालन सहित अन्य जीविकोपार्जन के कार्य बेहतर ढंग से कर रही हैं। कई अन्य क्षेत्रों में भी जीविका की दीदियां अच्छा काम कर रही हैं। आज 1.30 करोड़ महिलाएं जीविका समूह से जुड़ी हुई हैं। 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। बिहार की 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है।
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राष्ट्रपति को बुलाकर चौथे कृषि रोडमैप का शुभारंभ करायेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हमलोग लगातार प्रयासरत हैं। हमलोग महंगी बिजली खरीदकर किसानों को सस्ते दर पर बिजली देते हैं। बिहार में मामूली दर पर उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराया जा रही है। मुफ्त में बिजली की मांग नहीं करनी चाहिए। बिजली का सदुपयोग करना चाहिए। इसका दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। घरेलू कार्य के अलावे कृषि कार्य के लिए भी बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-2 के अंतर्गत हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है। उत्तर बिहार में हमेशा बाढ़ की स्थिति पैदा होती है। इसकी रोकथाम को लेकर नेपाल मदद नहीं कर रहा है। जमीन को लेकर परिवार में तथा समाज में आपसी झगड़ा नहीं होना चाहिए। 60 प्रतिशत हत्याएं सिर्फ जमीन विवाद के कारण होती है। भूमि सर्वेक्षण का काम चल रहा है। हमलोग चाहते हैं कि यह काम जल्द से जल्द पूरा हो। हमलोग आपस में झगड़ा न करें। समाज में भाईचारे का माहौल रखें। 

5000 किसान समागम में हुए शामिल
कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार डॉ. मंगला राय, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ. बी.एस. पाण्डेय, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामेश्वर सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह, कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार ने संबोधित किया। किसान समागम में 5000 किसान शामिल हुए जिसमें 22 किसानों ने चतुर्थ कृषि रोड मैप के लिए अपने-अपने सुझाव रखे। लखीसराय के किसान अमित कुमार ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि पहले के तीन कृषि रोड मैप से किसानों को बहुत फायदा हुआ है। इस अवसर पर वित्त, वाणिज्य एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार सह गन्ना मंत्री आलोक कुमार मेहता, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मो. आफाक आलम, लघु जल संसाधन मंत्री जयंत राज, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पॉंड्रिक, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सह श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव विनय कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सहकारिता सह कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की सचिव बन्दना प्रेयसी, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बालामुरुगन डी. पर्यटन विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह जल जीवन हरियाली अभियान के मिशन निदेशक राहुल कुमार, कृषि निदेशक विजय कुमार सिंह सहित अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक एवं राज्य से बड़ी संख्या में आए किसान उपस्थित थे।
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