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Bihar: कुलपति ने ग्रीष्मावकाश पर लगाई रोक; TMBU के शिक्षकों ने रजिस्ट्रार को 5 घंटे घेरा, पत्र दिखाने की मांग

Wed, 31 May 2023 02:23 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

शिक्षक संघ विश्वविद्यालय राजद अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जवाहरलाल अपनी मनमानी कर रहे हैं। वे अपने हिसाब से विश्वविद्यालय को चलाना चाहते हैं। इस वजह से यहां के शिक्षकों और कर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर ग्रीष्मावकाश रद्द करने का आदेश जारी हुआ है तो उस पत्र को सार्वजनिक किया जाए।
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रजिस्ट्रार ऑफिस में घेराव के दौरान TMBU के शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में ग्रीष्मावकाश रद्द करने के आदेश पर शिक्षकों ने बुधवार क जमकर हंगामा किया। वहीं, अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने रजिस्ट्रार को पांच घंटे तक उनके कार्यालय में घेरे रखा। इस दौरान प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि जब छुट्टी पारित कर दी गई है तो कुलपति ने इसे निरस्त क्यों किया। या फिर झूठा लेटर बनाकर हम लोगों को बरगलाया क्यों जा रहा है।

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रजिस्टार ने इसकी सफाई में कहा कि कुलपति का कहना है कि सिंडिकेट में यह निर्णय लिया गया था। लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है। वहीं, इस बात को लेकर रजिस्ट्रार ने कहा कि विद्यार्थियों की भलाई को ध्यान में रखते हुए कुलपति ने यह छुट्टियां रद्द की हैं। महामहिम राज्यपाल का निर्देश है कि सेशन समय पर चलाया जाए, जिससे विद्यार्थी सही समय पर अपनी परीक्षा देकर डिग्री ले सकें। इस वजह से कुलपति ने यह आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि सेशन तब समय पर संभव हो पाएगा जब छुट्टी के समय में परीक्षाएं ले ली जाएं।

शिक्षक संघ विश्वविद्यालय राजद अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जवाहरलाल अपनी मनमानी कर रहे हैं। वे अपने हिसाब से विश्वविद्यालय को चलाना चाहते हैं। इस वजह से यहां के शिक्षकों और कर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर ग्रीष्मावकाश रद्द करने का आदेश जारी हुआ है तो उस पत्र को सार्वजनिक किया जाए। विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और कर्मियों को दिखाया जाए। वह पत्र दिखाएं जिसमें राजभवन ने छुट्टी रद्द कर दी है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि सिंडिकेट सदस्य और एमएलसी डॉ. संजीव कुमार सिंह को आधार बनाकर छुट्टी रद्द कर विश्वविद्यालय में बेवजह विवाद पैदा न किया जाए।
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इसी मामले पर एक दिन पहले शिक्षकों ने बीसी का भी घेराव किया था। उनसे भी यही सवाल पूछा था कि अगर राज्यभवन ने उनकी छुट्टी रद्द करने को कहा है तो उस पत्र को दिखाया जाए। तब बीसी ने भूस्टा के महासचिव जगदर मंडल से कहा था कि छुट्टी रद्द करने के निर्देश पर पत्र वह राजभवन भेज चुके हैं।

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