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Bihar: भागलपुर में गंगा फिर खतरे के निशान से ऊपर, 92 पंचायत बाढ़ से प्रभावित; सुल्तानगंज में हालात बिगड़े

Tue, 02 Sep 2025 05:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर

सार

Bihar Flood: सुल्तानगंज में नमामि गंगे घाट फिर से जलमग्न हो गया है। गंगा तटवर्ती इलाकों से लोग ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। दियारा इलाके में सड़कों पर पानी आने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
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कई इलाके जलमग्न - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा एक बार फिर गहरा गया है। मंगलवार को केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.90 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (33.68 मीटर) से 22 सेंटीमीटर ऊपर है। सोमवार को यह स्तर 33.85 मीटर था। कहलगांव में गंगा का जलस्तर 32.20 मीटर है, जो लाल निशान से 1.11 मीटर ऊपर बह रहा है। वहीं, सुल्तानगंज में जलस्तर 35.84 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 1.23 मीटर अधिक है।

 

जिले के कहलगांव, सुल्तानगंज, नाथनगर, सबौर और नवगछिया अनुमंडल के तीन प्रखंडों सहित कुल आठ प्रखंडों के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। गंगा के साथ-साथ कोसी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे नवगछिया अनुमंडल के कोसी तटवर्ती क्षेत्रों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। प्रशासन ने जिले के 92 पंचायतों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया है।

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तिलकामांझी विश्वविद्यालय और शहर के कई इलाके जलमग्न
भागलपुर नगर निगम के कुछ वार्डों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। तिलकामांझी विश्वविद्यालय परिसर, टीएनबी कालीजिएट, महाशय ड्योढ़ी, सीटीएस नाथनगर और पॉलिटेक्निक कॉलेज क्षेत्र में पानी भर गया है। लालबाग स्थित पीजी गर्ल्स हॉस्टल में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल खाली कराने का निर्देश दिया है। इससे छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कहलगांव और सुल्तानगंज में हालात बिगड़े

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कहलगांव प्रखंड के छह पंचायतों के दर्जनों गांवों में सैकड़ों घर जलमग्न हो गए हैं। भोलसर, प्रशस्तडीह, कोदवार, एकचारी और धनौरा पंचायतों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धनौरा पथ, चांयटोला–प्रशस्तडीह मार्ग, घोघा–कुसाहा पथ, अंठावन, तौफिल और बीरबन्ना रोड पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। कई स्कूलों में पानी घुसने से शिक्षा व्यवस्था बाधित हो गई है।

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