सोनपुर मेला में पसरा सन्नाटा।
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पांच थिएटर में 500 से ज्यादा लड़कियां आई
सोनपुर मेले में लगने वाले थिएटर का एक अपना अलग इतिहास है। एक जमाने से हाथी घोड़े खरीदने मुगल बादशाह से लेकर वीर कुंवर सिंह तक सोनपुर मेला पहुंचते थे। मेले में आए राजा महाराजाओं की मनोरंजन के लिए नाच गाने ड्रामा का प्रोग्राम होता था जो बाद में चलकर के रूप थिएटर का रूप ले लिया था। इस बार सोनपुर मेले में पांच थिएटर में 500 से ज्यादा लड़कियां आई हैं। थिएटर के कारण रात में मेला सजता भी था। भारी संख्या में लोग मेले में पहुंचते थे और मेले में भीड़ होती थी। इससे वहां मौजूद स्थानीय दुकानदार एवं बाहर से आए हुए व्यवसायियों की दुकान अच्छी चलती थी।
सरकार सोनपुर मेला के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है?
कार्तिक पूर्णिमा से ही सोनपुर से 7 किलोमीटर दूर सभी गाड़ियों को रोक दिया जा रहा है। इस कारण से मेले में पहुंचने वाले लोग काफी कम पहुंच रहे हैं। गंगा स्नान के समय से विभिन्न चौक चौराहे पर बैरिकेडिंग कर दिया गया है। इससे सोनपुर को लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि मलमास मेला को पहले दिन से ही थिएटर सहित तमाम चीजों का लाइसेंस दे दिया गया लेकिन सोनपुर मेला को क्यों नहीं दिया गया। सरकार सोनपुर मेला के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है?