बिहार में राज्यसभा की पांचों सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता नितिन नवीन, जदयू के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर, रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के महासचिव शिवेश राम राज्यसभा चुनाव जीत गए हैं। पांचवीं सीट के उम्मीदवार शिवेश राम को सबसे अधिक विधायकों के वोट मिले।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
हार के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके चार विधायक मतदान के लिए नहीं आए। उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार को पता है कि वे क्यों नहीं आए। तेजस्वी ने कहा,'संख्या कम होने के बावजूद हम लोगों ने अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी। भाजपा धनतंत्र और मशीन तंत्र का उपयोग करती है। विधानसभा चुनाव में क्या हुआ था, यह सबने देखा है। आज भाजपा का धनतंत्र जीत गया है, लेकिन एक समय आएगा जब यह सब हथकंडे काम नहीं करेंगे। हम भाजपा के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे और जीतने तक संघर्ष करते रहेंगे।'
'भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं'
महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव में खरीद-फरोख्त हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया और धनबल का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, 'भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। चुनाव में पूरी तरह से धनबल का इस्तेमाल किया गया है।'
'भाजपा ने किया धनबल का प्रयोग'
राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब पूरे देश को पता चल गया है कि धनबल का प्रयोग कौन करता है। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने धनबल का प्रयोग कर लोकतंत्र के साथ छल किया है। मतदान में शामिल नहीं होने वाले महागठबंधन के चार विधायकों ने जनता के साथ धोखा किया है। उनके नाम के साथ जीवन भर पूर्व विधायक का टैग लग जाएगा।'
सुशासन तथा विकास की नीति की जीत
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की जीत पर खुशी जताते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन तथा विकास की नीति की जीत बताया। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम को जीत की बधाई देते हुए कहा कि एनडीए के सभी विधायकों ने एकजुट होकर उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया और यह गठबंधन के प्रति उनकी निष्ठा तथा बिहार के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले दो दशकों में बिहार ने विकास की नई दिशा पकड़ी है और अब उनके संसदीय अनुभव का लाभ राज्यसभा को भी मिलेगा। साथ ही उन्होंने रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम को भी शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनका राजनीतिक अनुभव उच्च सदन की गरिमा को और मजबूत करेगा।
विपक्ष का आरोप बेबुनियाद
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि इस चुनाव के नतीजों से पूरे बिहार में बड़ा संदेश गया है और यह एनडीए की प्रचंड जीत है। उन्होंने कहा, 'हमारे पांचों उम्मीदवारों की शानदार जीत हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने बिहार को बदलने का काम किया है और उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है।' विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अगर 41 वोटों का भी बंटवारा होता, तब भी भाजपा उम्मीदवार शिवेश राम को 38 वोट और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को 37 वोट मिलते। इसलिए विपक्ष के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। संजय झा ने यह भी कहा कि महागठबंधन को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्हें होटल में रखा गया था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की जीत के लिए पूरी गठबंधन की ओर से बधाई। उन्होंने कहा, 'शुरुआत से ही आंकड़े हमारे पक्ष में थे। राजद को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्हें होटल में रखा गया था। लेकिन एनडीए को अपने विधायकों पर पूरा विश्वास था। हमारे सभी 202 विधायक मतदान के लिए पहुंचे थे। मतगणना में सबसे ज्यादा वोट वैल्यू शिवेश राम को मिला।'
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'बिहार के विकास को मिलेगी रफ्तार'
वहीं, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि यह बिहार के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि एकसाथ तीन राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यसभा में निर्वाचित हुए हैं। इससे संसद के उच्च सदन की गरिमा और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी वरिष्ठ नेताओं के विशाल राजनीतिक अनुभव से संसद में लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी, जनहित के मुद्दों को सदन में सशक्त आवाज़ मिलेगी, और बिहार के विकास तथा प्रदेशवासियों के हितों को नई गति और दिशा प्राप्त होगी।