बिहार विधानसभा के पांचों चरण का मतदान संपन्न होने के बाद अब सरकार बनने को लेकर चर्चा गरम है। एग्जिट पोल के बाद भी धुंध नहीं छटने से आम से लेकर खास तक में बेचैनी साफ नजर आ रही है।
महागठबंधन के समर्थक जहां कैबिनेट पर मंथन कर रहे हैं, वहीं राजग के समर्थकों ने मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, लगभग दो महीने से अपनी पार्टी के प्रचार में लगे नेताओं ने राहत की सांस ली है और सभी आराम कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी जहां अपने गांव महकार चले गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष नंद किशोर यादव पूरे दिन अपने खास लोगों से मिलते रहे।
इधर, भाजपा कार्यालय में चहलकदमी जदयू या राजद के मुकाबले में ज्यादा दिखी। अपनी जीत को लेकर दोनों गठबंधनों का दावा पुख्ता है। जीत को लेकर दोनों खेमों के पास अपने-अपने समीकरण और अपने-अपने तर्क हैं।
दो तिहाई से ज्यादा सीटों पर जीतने का दावा करनेवाली भाजपा के अंदर जहां खुद से सरकार बनाने को लेकर चर्चा है, वहीं करीब 200 सीटों पर जीतने की बात कहनेवाले महागठबंधन के लोग जदयू और राजद में सीटों के अंतर पर मंथन में जुट गए हैं।
पार्टी कार्यालयों में लिए जा रहे हैं फीडबैक
पार्टी कार्यालयों में परिणाम को लेकर पदाधिकारी आश्वस्त तो दिखे, लेकिन उनकी बेचैनी भी प्रकट हुई। शुक्रवार को दोपहर बाद पार्टियों के प्रदेश कार्यालयों में इन चर्चाओं के बीच लगातार एक-एक क्षेत्र की जानकारी के लिए फोन पर बात होती रही।
सीट का गुणा भाग लगाया जाता रहा। कौन कहां कमजोर, कहां मजबूत, किसने किसको डैमेज किया, इन तमाम बातों पर बहस जारी थी। जदूय के कार्यकारी प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री समेत सभी लोग इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि महागठबंधन की सरकार बन रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास में नीतीश और उनकी कैबिनेट के सहयोगी मौजूद हैं और इस बारे में बातें हो रही हैं और सभी लोग आश्वस्त हैं।
उधर राजद के नेता और पूर्व सांसद एजाज अली ने कहा कि हम लोगों के पास जो रिपोर्ट आ रही है, उससे महागठबंधन को 175-200 सीटें मिलने जा रही हैं।
दूसरी ओर, विरोधी दल के नेता नंद किशोर यादव ने कहा कि राजग की जीत पक्की है और हम सरकार बना रहे हैं। मुख्यमंत्री के सवाल पर यादव ने कहा कि यह हमारा संसदीय बोर्ड तय करता है। समय आने पर वह भी तय हो जाएगा।