जदयू नेताओं ने सामूहिक रूप से दिया इस्तीफा
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केंद्र में सत्तासीन बीजेपी की औरंगाबाद जिला कमिटी में घमासान के बाद बिहार में सत्तासीन जेडीयू की जिला कमिटी में भी घमासान मच गया है। बिहार सरकार द्वारा घोषित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन (20 सूत्री) समिति की घोषणा की गई थी। उसके बाद समिति में स्थान न मिलने से नाराज पार्टी के करीब डेढ़ दर्जन पदाधिकारियों ने संगठन के मुख्य जिला प्रवक्ता सह काराकाट सांसद के नबीनगर प्रतिनिधि राजीव रंजन सिंह उर्फ राजा बाबू के नेतृत्व में पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेजे संयुक्त इस्तीफे में नेताओं ने पार्टी के जिलाध्यक्ष सह रफीगंज के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह पर नबीनगर विधानसभा क्षेत्र में जदयू को कमजोर करने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि नवगठित 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में नबीनगर विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा की गई है। इसी वजह से वे पार्टी के पदों से सामूहिक रूप से इस्तीफा दे रहे हैं।
साथ ही यह भी कहा कि विगत विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नबीनगर से सबसे अधिक वोट एनडीए (जेडीयू) उम्मीदवार को मिले थे। जबकि अन्य उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। इसके बावजूद जिलाध्यक्ष ने एक षड्यंत्र के तहत नबीनगर विधानसभा क्षेत्र में जनता दल(यू) को कमजोर करने की साजिश की है। जिला स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन(20 सूत्री) के गठन में नबीनगर विधानसभा क्षेत्र के जदयू कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है। इसी वजह से वे पार्टी के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित जिला कमिटी के पदाधिकारी के पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
पार्टी के पदों से त्यागपत्र देने वालो में जेडीयू के मुख्य जिला प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह उर्फ राजा बाबू, जिला उपाध्यक्ष विभूति नारायण पांडेय, उपाध्यक्ष सूर्यवंश सिंह, सुरेंद्र कुमार सिंह, महावीर प्रसाद कुशवाहा, जिला महासचिव रंजीत सिंह, जिला सचिव फारुक कैशर, जिला महासचिव उदय पटेल, जिला सचिव मुकेश पटेल, जिला सचिव नागेंद्र सिंह, जिला महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता और अन्य शामिल हैं।