कार कंपनियों की ओर से नई कारों में कई तरह के इंजन विकल्प दिए जाते हैं। लेकिन इंजन में सिलेंडर का क्या काम होता है और तीन या चार सिलेंडर में से किस इंजन वाली कार को खरीदना बेहतर होगा। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।
क्या होता है सिलेंडर
सिलेंडर इंजन की जान होता है। जैसे कार को इंजन चलाता है, वैसे ही इंजन को सिलेंडर्स चलाते हैं। कह सकते हैं कि सिलेंडर्स कार इंजन के पावर हाऊस होते हैं। कार इंजन में सिलेंडर के आकार वाले इन सिलेंडर्स में पिस्टन लगे होते हैं। जब ईंधन और हवा के मिश्रण को पिस्टन के ऊपर कंबशन चैंबर में प्रज्वलित किया जाता है, तो इसे सिलेंडर और कनेक्टिंग रॉड्स के जरिए नीचे उतारा जाता है और यह क्रैंकशॉफ्ट को चलाता है, बिना जली गैसों को पीछे की तरफ धकेलता है। अगर आपके पास तीन सिलेंडर वाली कार है, तो तीन सिलेंडर इंजन को मूवमेंट देते हैं। लेकिन अगर चार सिलेंडर वाली कार है तो चार ही सिलेंडर इंजन को मूवमेंट देते हैं।
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तीन सिलेंडर इंजन के ये हैं फायदे
अगर आप तीन सिलेंडर इंजन वाली कार खरीदते हैं तो इसमें ईंधन की खपत कम होती है जिससे कार का एवरेज बढ़ जाता है। इस तरह के इंजन वाली कारों की कीमत भी कम होती है। इसका साइज भी छोटा होता है। जिससे कार में ज्यादा जगह मिल जाती है और इंजन छोटा होने के कारण इनसे प्रदूषण भी कम होता है।
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चार सिलेंडर इंजन के ये हैं फायदे
चार सिलेंडर वाले इंजन की कार के भी अलग फायदे हैं। बड़ा इंजन होने के कारण इसकी क्षमता ज्यादा होती है। इस इंजन से ज्यादा पावर भी मिलती है और इसे आमतौर पर बड़े साइज के वाहनों में उपयोग में लाया जाता है। इसके इंजन के बड़े होने के कारण इनकी लागत ज्यादा हो जाती है और इससे वाहन की कीमत भी ज्यादा होती है। वहीं इनके साइज में बड़े होने के कारण ज्यादा ईंधन की खपत और ज्यादा प्रदूषण होता है।
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