सड़क पर वाहन चलाते वक्त चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस का होना बेहद जरूरी है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस का होना आवश्यक है। ये दस्तावेज सड़क पर चालक की आयु, राष्ट्रीयता और अन्य मामलों में प्रमाम होता है। अगर आप देश के किसी दूसरे राज्य में गाड़ी चलाकर जाते हैं तो आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। साथ ही किसी हादसे के दौरान भी ड्राइविंग लाइसेंस का होना जरूरी है, नहीं तो बीमे के क्लेम नहीं मिलता है।
रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि कार का मालिक कौन है और ये कौन से आरटीओ के साथ कहां पर पंजीकृत है। कार का बीमा क्लेम करते वक्त भी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का भी जरूरी है। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में कार का नंबर, चेसिस नंबर, मालिक का पत्ता, प्रोडक्शन का साल, समाप्ति की तारीख और इंजन नंबर लिखा होता है।
देश की सड़कों पर कार चलाने के लिए जरूरी है कि आपके पास कार का थर्ड पार्टी बीमा होना चाहिए। मोटर वाहन नियम 1988 के तहत ये पॉलिसी थर्ड पार्टी को बीमा कवर देता है। सड़क हादसे में किसी तीसरी पार्टी या व्यक्ति को नुकसान होने पर आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
वाहन से कितना कार्बन निकल रहा है, पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी पीयूसी इस बात का प्रमाण देता है। वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण काफी हद तक जलवायु परिवर्तन पर असर डालता है। पीयूसी ये निर्धारित करने का सबूत है कि कार तय मानकों के अनुसार कार्बन छोड़ रही है। अगर कार लिमिट से अधिक कार्बन छोड़ती है तो फिर कार मालिक के खिलाफ फाइन लगाया जाता है।