भारतीय बाजार में लगातार इलेक्ट्रिक कारों की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। जिसे देखते हुए कंपनियों की ओर से भी लगातार नए मॉडल्स को इलेक्ट्रिक वर्जन में पेश किया जा रहा है। हम इस खबर में आपको इलेक्ट्रिक कारों में मिलने वाली खास तकनीक की जानकारी दे रहे हैं, जिससे रेंज को बढ़ाया जा सकता है।
कौन सी है तकनीक
अक्सर इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए शोरूम जाने पर आपने रीजनरेटिव तकनीक के बारे में सुना होगा। इस तकनीक के कारण ही इलेक्ट्रिक कार की रेंज को आसानी से बढ़ाया जा सकता है। साथ ही इस तकनीक का उपयोग करना भी काफी आसान होता है।
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क्या है तकनीक
यह ऐसी तकनीक होती है जिसे जरिए आप कार के ब्रेक लगाने के दौरान बैटरी को चार्ज कर सकते हैं। दरअसल, जब भी कार को रोकने के लिए या गति को कम करने के लिए जब भी ब्रेक लगाए जाते हैं। तो ब्रेक पैड हर पहिए पर लगे डिस्क ब्रेक या ड्रम ब्रेक पर घर्षण पैदा करता है। इसके कारण ही कार रूकती या गति कम हो जाती है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जो ऊर्जा निकलती है उसके उपयोग से कार में लगी बैटरी चार्ज की जाती है। पेट्रोल और डीजल जैसी कारों में यह ऊर्जा बिना काम के ही खराब हो जाती है लेकिन इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों में यह ऊर्जा बैटरी को चार्ज करने के काम में लाई जाती है।
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किस तरह करती है काम
इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड कार में लगी मोटर दो तरह से काम करती है। मोटर का पहला काम होता है कि वह पहियों को चलाने के लिए जरूरी ऊर्जा दे और दूसरा काम बैटरी को चार्ज करना होता है। जब भी ड्राइवर कार को रोकने के लिए ब्रेक का उपयोग करता है तब रीजनरेटिव तकनीक एक्टिव हो जाती है। एक बार एक्टिव होने पर यह तकनीक कार में लगी बैटरी को चार्ज करना शुरू कर देती है। इस तकनीक का फायदा लेने के लिए कार की मोटर पर इस तकनीक का उपयोग किया जाता है।
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