प्योर इलेक्ट्रिकल्स पर फोकस
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत सरकार द्वारा 26,000 करोड़ रुपये के उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई स्कीम) की घोषणा के बाद दोनों कंपनियां आक्रमक तरीके से इस प्रोजेक्ट पर जुट गई हैं। यह स्कीम इलेक्ट्रिक्स और हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च की गई है। पहले दोनों कंपनियों की योजना हाईब्रिड और इलेक्ट्रीफाइड वर्जन पर फोकस करने की थी, जो बैटरी और पेट्रोल दोनों पर चलेंगी। लेकिन अब दोनों कंपनियों का फोकस प्योर इलेक्ट्रिकल्स और फ्यूल सेल्स के आसपास रहेगा। हालांकि इस पर अभी विचार-विमर्श जारी है और अंतिम फैसला होना अभी बाकी है।
Toyota Rumion नाम से बिकेगी अर्टिगा!
प्रीमियम एसयूवी की बात करें तो इस वाहन को डेवलप करने के लिए फिलहाल 1000 करोड़ रुपये की अनुमानित निवेश राशि तय की गई है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को देखते हुए पहली बार दोनों कंपनियां साथ आई हैं। इस प्रीमियम एसयूवी को कॉमन प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा, लेकिन टोयोटा और मारुति अपनी जरूरतों के हिसाब से इसकी अलग-अलग स्टाइलिंग करेंगी। यह मारुति की पहली ऐसी कार होगी, जिसे टोयोटा के बैंगलुरु स्थित प्लांट 2 में बनाया जाएगा, यहां टोयोटा पहले यारिस सेडान बनाती थी, जिसका निर्माण अब भारत में बंद कर दिया गया है। टोयोटा और मारुति ने 2018 में क्रॉस बैजिंग एग्रीमेंट किया था, जिसके तहत दोनों कंपनियों एक-दूसरे के चुनिंदा मॉडल्स को रीबैज करके अपने शोरूम्स से बेचेंगी। समझौते के तहत अर्बन क्रूजर के अलाला टोयोटा बलेनो को रीबैज करके ग्लैंजा नाम से बेच रही है। वहीं टोयोटा सेडान कार सियाज और एमपीवी अर्टिगा को भी रीबैज करके बेचने की तैयारी है, जिसे टोयोटा रूमीयन (Toyota Rumion) नाम से बेचा जाएगा।