ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के एक और मामले में, सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक व्यक्ति एक बच्चे को स्कूटर चलाने दे रहा है। जबकि वह आराम से पीछे की सीट पर बैठा है। वीडियो में एक जगह वह कैमरे की तरफ मुस्कुराता भी है और हाथ भी हिलाता है।
वीडियो में दिखाया गया है कि व्यक्ति स्कूल यूनिफॉर्म पहने हुए बच्चे को संभवतः एक नया टीवीएस जुपिटर स्कूटर चलाने दे रहा है। सवार और पीछे बैठा व्यक्ति दोनों ही सार्वजनिक सड़क पर बिना हेलमेट के दिखाई दे रहे हैं। जो यातायात नियमों के उल्लंघन की लंबी सूची में एक और अपराध है। वाहन की पहचान करना मुश्किल है क्योंकि आगे या पीछे कोई नंबर प्लेट नहीं है। जो यातायात नियमों के उल्लंघन की सूची में एक और अपराध है।
नाबालिग की जान को खतरे में डाला
वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद इंटरनेट पर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए हैं। जिसमें से ज्यादातर ने उस व्यक्ति की सरासर लापरवाही पर टिप्पणी की। और उस पर अपनी, बच्चे की और साथ ही साथी मोटर चालकों और पैदल चलने वालों की जान को खतरे में डालने का आरोप लगाया। एक एक्स यूजर ने कहा, "पिता ने शानदार प्लानिंग की। समझदारी...नंबर प्लेट भी हटा दी...कोई शिकायत नहीं, कोई आरोप नहीं।" एक अन्य यूजर ने कहा, "कृपया कोई उस आदमी को जेल में डाल दे!"
क्या कहता है कानून
भारत में मोटर से चलने वाले वाहनों के लिए कानूनी ड्राइविंग की उम्र 18 वर्ष निर्धारित की गई है। क्षेत्र के आरटीओ द्वारा अनुमोदित कानूनी ड्राइविंग लाइसेंस का होना भी कानून द्वारा जरूरी है। मोटर वाहन अधिनियम 1914 के अनुसार, भारत में वाहन पंजीकरण और लाइसेंसिंग अनिवार्य है। 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी वाहनों के लिए हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) अनिवार्य कर दिया। दोपहिया वाहन चलाते समय, सवारी करने वाले यात्री भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। और कहने की ज़रूरत नहीं है कि देश के सभी राज्यों में कानून द्वारा यह अनिवार्य है।
माता-पिता के लिए सजा
किसी नाबालिग को मोटर वाहन चलाने या चलाने देने के नतीजे माता-पिता या अभिभावक के लिए गंभीर हो सकते हैं। अगर कोई किशोर मोटर वाहन अपराध करता है, तो किशोर के अभिभावक या वाहन के मालिक को दोषी माना जाता है और उसे सजा दी जा सकती है।
नाबालिग को क्या सजा
जहां तक नाबालिग द्वारा वाहन चलाने का सवाल है, भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 में नाबालिग द्वारा कानून का उल्लंघन करते पकड़े जाने पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना। और 12 महीने के लिए वाहन का पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है। उसे 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है।