लर्नर लाइसेंस आवेदकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और ट्रैफिक को लेकर जागरूकता पैदा करने के मकसद से, पुणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने अपने लर्नर लाइसेंस विभाग के अंदर एक 'सड़क सुरक्षा और अनुभव प्रयोगशाला' (रोड सेफ्टी एंड एक्सपीरियंस लैब) शुरू की है। यहां हर आवेदक को पहले यातायात जागरूकता का टेस्ट देना होता है। और फिर ऑनलाइन लर्नर लाइसेंस टेस्ट देनी होती है।
राज्य परिवहन विभाग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 'क्रूजिंग सेफ' नाम के एक निजी संगठन की मदद ले रहा है। 'क्रूजिंग सेफ' ने पुणे आरटीओ में यह 'सड़क सुरक्षा और अनुभव प्रयोगशाला' शुरू की है। उम्मीदवारों को वाहन लाइसेंस के लिए आरटीओ लर्नर लाइसेंस टेस्ट देने से पहले तीन लेवल के टेस्ट से गुजरना पड़ता है। राज्य के तीन आरटीओ, जिसमें पुणे आरटीओ भी शामिल है, में ऐसे 'एक्सपीरियंस लैब' शुरू किए गए हैं।
पुणे की क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अर्चना गायकवाड़ ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में पुणे शहर और जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए न सिर्फ ड्राइवरों को परामर्श देने बल्कि उन्हें प्रशिक्षित करने की भी जरूरत है। पुणे आरटीओ में शुरू की गई इस प्रयोगशाला के जरिए, लर्नर लाइसेंस लेने आने वाले उम्मीदवारों को तीन स्तरों के परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। पहले लेवल पर, ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर जुर्माने के बारे में सवाल पूछे जाते हैं। दूसरे लेवल पर, ट्रैफिक नियमों के आधार पर सावल किए जाते हैं। और तीसरे लेवल पर एक वीडियो दिखाया जाता है।"
उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए मोबाइल उपलब्ध कराए जाते हैं। एक बार में लगभग 10 से 12 उम्मीदवार टेस्ट दे सकते हैं। इससे पहले, आरटीओ मोटर वाहन निरीक्षक उम्मीदवारों का मार्गदर्शन करते हैं। उसके बाद, वीडियो गाइडेंस के साथ असली टेस्ट शुरू होती है। इसमें 20 सवाल होते हैं और हर दिन कम से कम 50 उम्मीदवारों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लर्नर लाइसेंस आवेदक किरण सालोखे ने कहा, "मैं इस एक्सपीरियंस लैब में सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए टेस्ट से गुजरा और यह बहुत अच्छा अनुभव रहा। ट्रैफिक से जुड़े नियमों और विनियमों के बारे में कई सवाल पूछे गए। और मुझे इस टेस्ट के जरिए कई नई चीजें पता चलीं।"
पुणे आरटीओ के केंद्र प्रबंधक गणेश ओकाटे ने कहा, "पुणे आरटीओ में शुरू की गई इस लैब द्वारा आयोजित टेस्ट उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं है। हालांकि, यह टेस्ट ड्राइवरों को ट्रैफिक नियमों की बेहतर समझ देता है। संबंधित संगठन को यह प्रतिक्रिया मिल रही है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। इसमें उम्मीदवारों का लगभग 10 से 15 मिनट का समय भी लगता है। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि नागरिकों के पास सुरक्षित सड़क परिवहन हो।"