MapMyIndia (मैपमाइंडिया) की मूल कंपनी सीई इंफो सिस्टम्स ने कथित तौर पर ओला पर अपने हाल ही में लॉन्च किए गए ओला मैप्स इंटरफेस को विकसित करने के लिए अवैध रूप से डेटा कॉपी करने का आरोप लगाया है।
फोर्ब्स इंडिया द्वारा पहली बार इस घटना की रिपोर्ट की गई थी। जिसमें कहा गया था कि आरोप इस दावे पर केंद्रित है कि ओला इलेक्ट्रिक ने मैपमाइंडिया के डेटा को कैश और सेव किया है, उसे मिलाया है और 2021 में एक समझौते के जरिए हासिल लाइसेंस्ड उत्पाद को रिवर्स इंजीनियर किया है।
सीई इंफो सिस्टम्स ने ओला इलेक्ट्रिक को भेजे गए एक कानूनी नोटिस में कहा, "आपने ओला मैप्स बनाने के लिए हमारे क्लाइंट के स्वामित्व वाले स्रोतों से हमारे क्लाइंट के एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) और एसडीके (सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट) की नकल की है। यह दृढ़ता से कहा जाता है कि हमारे क्लाइंट के अनन्य डेटा को आपके द्वारा आपकी अवैध मंशा को आगे बढ़ाने और अपने अन्यायपूर्ण व्यावसायिक फायदों के लिए कॉपी/डिराइव किया गया है।" फोर्ब्स इंडिया ने दावा किया है कि इस नोटिस की समीक्षा की गई है।
बताया जा रहा है कि नोटिस ओला के ओपन सोर्स के जरिए स्वतंत्र रूप से अपना एपीआई और मैप डेटा विकसित करने के दावे का भी विरोध करता है।
फोर्ब्स इंडिया ने कहा कि कानूनी नोटिस इस बात पर रोशनी डालती है कि ओला के कार्यों ने 2021 के समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है। जो साफ तौर पर बौद्धिक संपदा कानूनों के तहत सह-मिश्रण और रिवर्स इंजीनियरिंग पर प्रतिबंध लगाता है।
नोटिस में कहा गया है, "ऐसी बेईमान और अवैध गतिविधियों में शामिल होकर, आपने समझौते की शर्तों का खुले तौर पर उल्लंघन किया है। और सोर्स कोड से संबंधित हमारे क्लाइंट में विशेष रूप से निहित कॉपीराइट का उल्लंघन किया है।"
जुलाई की शुरुआत में, ओला ने ओला मैप्स लॉन्च किया। जो ओला के संस्थापक और सीईओ भाविश अग्रवाल द्वारा सोशल मीडिया एक्स पर घोषित एक महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने खुलासा किया कि ओला ने गूगल मैप्स और Azure (एज्यूर) का इस्तेमाल करना पूरी तरह से बंद कर दिया है। जिससे ओला मैप्स में शिफ्ट करके अपना मैपिंग सर्विस के खर्चे को सालाना 100 करोड़ रुपये से शून्य कर दिया है।
यह एलान ओला इलेक्ट्रिक के 6,100 करोड़ रुपये के आईपीओ के बीच हुआ। जिसमें एंकर निवेशकों द्वारा 1 अगस्त से बोली लगाने की तैयारी थी।
हालांकि, ओला मैप्स की शुरुआत अब सीई इंफो सिस्टम्स के आरोपों से प्रभावित हो गई है। कानूनी नोटिस में ओला पर मैपमाइंडिया से संबंधित गोपनीय जानकारी और व्यापार रहस्यों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
सीई इंफो सिस्टम्स ने अपने नोटिस में कहा, "हमारे ग्राहक के व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुंचाते हुए खुद को अनुचित तरीके से समृद्ध करने के एकमात्र उद्देश्य से आपके द्वारा अपनाई गई अवैध कार्रवाइयां और अनुचित व्यापार प्रथाएं अस्वीकार्य हैं।"
ओलो ने दी सफाई
वहीं, इन आरोपों पर ओला इलेक्ट्रिक प्रवक्ता ने बयान जारी कर सफाई दी है।
बयान में कहा गया है कि, "ओला इलेक्ट्रिक सीई इंफो सिस्टम्स लिमिटेड ("सीई इंफो") द्वारा ओला मैप्स और मैपमाईइंडिया के बीच कथित मुद्दों के संबंध में किए गए हाल के दावों और समाचार मीडिया में रिपोर्ट किए गए दावों पर अपना पक्ष रखना चाहता है। हम साफ तौर पर यह बताना चाहते हैं कि ये आरोप झूठे, दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक हैं। ओला इलेक्ट्रिक अपनी व्यावसायिक प्रथाओं की अखंडता के साथ खड़ा है। हम जल्द ही नोटिस का उचित जवाब देंगे।"