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Piyush Goyal: पीयूष गोयल एलन मस्क से मिलेंगे, टेस्ला की भारत में एंट्री एजेंडे में, पोटस के साथ होगी बातचीत

Fri, 10 Nov 2023 04:26 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए 13-17 नवंबर तक अमेरिका का दौरा करने वाले हैं। इस दौरान मंत्री का टेस्ला प्रमुख एलन मस्क से मिलने का कार्यक्रम है।
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क (आईपीईएफ) मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए 13-17 नवंबर तक अमेरिका का दौरा करने वाले हैं। उन्हें सैन फ्रांसिस्को में एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन समिट (एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन) में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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मामले से परिचित सूत्रों ने एएनआई को बताया कि अपने आगमन के दिन, मंत्री का टेस्ला प्रमुख एलन मस्क से मिलने का कार्यक्रम है।

यह बैठक न्यूयॉर्क शहर में मस्क के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लगभग चार महीने बाद होने जा रही है। तब मस्क ने भारत में महत्वपूर्ण निवेश करने में दिलचस्पी जताई।

केंद्रीय मंत्री दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने और व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कैथरीन ताई सहित दो शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के साथ भी बातचीत करेंगे। वाणिज्य मंत्री आईपीईएफ मंत्रिस्तरीय बैठक के मौके पर अन्य आईपीईएफ भागीदार देशों के मंत्रियों के साथ भी बातचीत करेंगे।
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गोयल और रायमोंडो एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) (APEC) आर्थिक नेताओं की बैठक से इतर संयुक्त राज्य-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) कार्यक्रम में भी संयुक्त रूप से भाग लेंगे।

अतुल यूएसआईबीसी के अध्यक्ष केशप ने एएनआई को बताया, "हम उस बैठक में कई कंपनियों, यूएसआईबीसी सदस्यों के साथ-साथ इनोवेशन क्षेत्र में स्टार्टअप्स के साथ भी बात करने जा रहे हैं ताकि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच और ज्यादा यूनिकॉर्न-जैसे स्टार्टअप्स को कैसे बढ़ावा दिया जाए।"

सैन फ्रांसिस्को में APEC में विश्व के कुछ सबसे प्रभावशाली नेता और व्यावसायिक अधिकारी इकट्ठा होंगे, महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे और सामूहिक रूप से उस क्षेत्र के ट्रेजेक्ट्री (प्रक्षेप पथ) को आकार देंगे। जो वैश्विक समृद्धि, स्थिरता और स्थिरता के लिए सबसे ज्यादा अहमियत रखता है। शिखर सम्मेलन कार्यक्रम स्थिरता, समावेशन, लचीलापन और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करके भविष्य के निर्माण के लिए सहयोग और नई सोच की क्षमता पर प्रकाश डालेगा।

इस वर्ष के शिखर सम्मेलन में माइक्रोसॉफ्ट फाइजर, उबर, सिटीबैंक, फेडेक्स, एक्सॉन मोबिल कॉर्प जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 20 से ज्यादा बड़े सीईओ भी एक साथ आएंगे। जिनमें से कई के एशिया प्रशांत क्षेत्र और विशेष रूप से चीन में गहरे आर्थिक हित हैं। 
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APEC Summit (File) - फोटो : For Reference Only
पूर्व राजनयिक ने कहा, "तो संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए सैन फ्रांसिस्को में इस APEC शिखर सम्मेलन में भारत को आमंत्रित करना, मेरे लिए वास्तव में एक बड़ी बात है। भारत APEC का सदस्य नहीं है, हालांकि इसने 1991 में APEC के गठन के समय सदस्य बनने के लिए कहा था। और मैं मुझे लगता है कि यह प्रशासन वास्तव में दुनिया भर में हमारे व्यापार के प्रयासों में शामिल करने के लिए भारत तक पहुंचने की कोशिश में बहुत प्रयास कर रहा है। इंडोपैसिफिक आर्थिक ढांचे को देखें।"

इस शिखर सम्मेलन में, गोयल की राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ एक संक्षिप्त अनौपचारिक बातचीत होगी और पूर्व APEC ग्रुप फोटो का भी हिस्सा होंगे। बाइडेन कनाडा के पीएम ट्रूडो और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य APEC नेताओं का भी स्वागत करेंगे। 

सैन फ्रांसिस्को के खाड़ी क्षेत्र में गोयल प्रतिष्ठित व्यवसायियों और उद्योग जगत के नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे।

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) (USISPF) के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ. मुकेश अघी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिका यात्रा पर कहा, "ठीक है, यह इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रॉस्पेरिटी (आईपीईएफ) और एपीईसी के मौके पर हो रहा है।" यूएसआईएसपीएफ एक कार्यक्रम में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से लेकर चिपमेकिंग से लेकर साइबर सुरक्षा तक अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों को लाएगा, और यह खोज करेगा कि हम कैसे सहयोग कर सकते हैं। हम इनमें से कुछ कंपनियों को भारत में आने और निवेश करने के लिए कैसे प्रेरित कर सकते हैं। हम भारतीय स्टार्टअप्स पर भी नजर रख रहे हैं कि हम उन्हें अमेरिका में कैसे ला सकते हैं। इसलिए यह दोतरफा व्यापार है, यह टेक्नोलॉजी का दोतरफा हस्तांतरण है। इसलिए मंत्री गोयल के साथ होने वाले कार्यक्रम का पूरा उद्देश्य यही है।" 
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Joe Biden, PM Modi - फोटो : ANI
इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रॉस्पेरिटी (आईपीईएफ) को 23 मई, 2022 को टोक्यो में अमेरिका और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के अन्य भागीदार देशों द्वारा संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया था। भारत आईपीईएफ में शामिल हुआ और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा और भागीदार देशों के अन्य नेताओं के साथ लॉन्च कार्यक्रम में भाग लिया।

आईपीईएफ क्षेत्र में विकास, शांति और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ साझेदार देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करना चाहता है। यह ढांचा व्यापार से संबंधित चार स्तंभों (स्तंभ I) के आसपास संरचित है, आपूर्ति शृंखला (स्तंभ II), एक स्वच्छ अर्थव्यवस्था (स्तंभ III), और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था (स्तंभ IV)।

बैठक में आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में लचीलापन, स्थिरता, समावेशिता, आर्थिक विकास, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

भारत एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध है और क्षेत्र की बढ़ोतरी और समृद्धि के लिए भागीदारों के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा करने की दिशा में काम करेगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, यह ढांचा समावेशी है और भागीदार देशों को उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर स्तंभों के साथ जुड़ने के लिए लचीलेपन की अनुमति देता है।
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