दिवाली के त्योहार को देखते हुए देश के एक राज्य में यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक रूल तोड़ने पर जुर्माना नहीं लगाने का फैसला लिया है। हालांकि एक हफ्ते के बाद पुलिस की ओर से ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
गुजरात सरकार की ओर से दिवाली के त्योहार को देखते हुए बड़ी घोषणा की गई है। इस घोषणा के तहत यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। राज्य की ओर से कब तक नियम तोड़ने वालों को छूट दी जाएगी और इस दौरान पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई होगी। इस खबर में हम आपको पूरी जानकारी दे रहे हैं।
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कैसे मिली छूट
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गुजरात के गृह राज्य मंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
दिवाली के त्योहार शुरू पर गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने एक बड़ा बयान दिया था। ये बयान ट्रैफिक नियम ना मानने वालों के लिए दिया गया था। गुजरात के सूरत में एक कार्यक्रम के दौरान अपने बयान में गुजरात के गृह राज्य मंत्री ने कहा था कि त्योहारों को देखते हुए गुजरात यातायात पुलिस 27 अक्तूबर तक नियमों का उल्लंघन करने वालों से कोई जुर्माना नहीं वसूलेगी।
राज्य के मंत्री ने कहा था कि अगर इस दौरान कोई बिना ड्राइविंग लाइसेंस या बिना हेलमेट मिलता है । या फिर कोई और नियम तोड़ता हुआ पाया जाता है तो चालान करने की जगह पुलिसकर्मी उन्हें फूल देंगे और नियम की जानकारी देंगे।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगता है इतना जुर्माना
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- फोटो : सोशल मीडिया
खास बात ये है कि गुजरात एक ड्राई स्टेट है, जहां पर शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है। लेकिन फिर भी राज्य में नशे में वाहन चलाने पर दस हजार रुपये जुर्माना या छह महीने की जेल, कम उम्र में ड्राइविंग के लिए 25 हजार रुपये जुर्माना या तीन साल की जेल जैसे जुर्माने लगाए जाते हैं। इसके साथ ही सामान्य दिनों में राज्य में ट्रैफिक लाइट का उल्लंघन करने पर एक हजार रुपये से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है।
राज्य की सरकार ने भले ही लोगों को यातायात नियमों के उल्लंघन पर छूट दी हो। लेकिन दी गई छूट का जान-बूझकर गलत तरीके से फायदा नहीं उठाना चाहिए। यातायात नियमों का पालन करने से आप और रोड पर चलने वाले अन्य वाहन भी सुरक्षित रहते हैं।