अंतिम चरण सबसे चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि इसके भूभाग में 16 गहरी घाटियां और पांच पहाड़ियां शामिल हैं। परियोजना टीम ने इन बाधाओं को पार करने के लिए पांच सुरंगें और 16 पुल बनाए हैं। गायकवाड़ ने बताया कि पश्चिम छोर गलियारे के 1.8 किलोमीटर लंबे जुड़वां पुल का निर्माण खर्डी रेलवे स्टेशन से लगभग 7 किलोमीटर दूर वशाला में चल रहा है। और इसके नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। तब तक, ट्रैफिक को 3 किलोमीटर के हिस्से पर पूर्वी छोर के पुल पर चार लेन से प्रबंधित किया जाएगा।
विशेषकर वशाला में पुल के निर्माण में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना किया गया। जिसकी ऊंचाई 84 मीटर है, जो 28 मंजिला इमारत के बरारब है। इन कठिनाइयों के बावजूद, पुलों का सफलतापूर्वक निर्माण किया गया है।
Mumbai-Nagpur Expressway
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दक्षिणी छोर पर, एक्सप्रेसवे मुंबई-अहमदाबाद-दिल्ली एक्सप्रेसवे से जुड़े एक स्पुर के जरिए मुंबई-नागपुर राजमार्ग से जुड़ेगा। कुल 701 किमी में से 625 किमी समृद्धि महामार्ग पहले ही ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। आधिकारिक तौर पर हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग नाम वाला, 6 लेन वाली एक्सेस-कंट्रोल वाली यह राजमार्ग मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बाद महाराष्ट्र में दूसरी प्रमुख सड़क परियोजना है।
इस खंड में इगतपुरी, शाहापुर में कुठघर और ठाणे में अमाने पर तीन इंटरचेंज शामिल हैं। इसमें भारत की सबसे चौड़ी 17.5 मीटर की सुरंग और राज्य की सबसे लंबी 8 किमी लंबी सुरंग इगतपुरी में 9.12 मीटर की ऊंचाई पर बनाई गई है।
2015 में एलान किए गए 55,000 करोड़ रुपये की इस ग्रीनफील्ड पहल के लिए भूमि अधिग्रहण जुलाई 2017 में शुरू हुआ था। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2018 में आधारशिला रखी थी। निर्माण जनवरी 2019 में शुरू हुआ। एक बार पूरा होने पर, यह एक्सप्रेसवे मुंबई और नागपुर के बीच यात्रा के समय को 18 घंटे से घटाकर सिर्फ 8 घंटे कर देगा। जो 10 जिलों के 392 गांवों से होकर गुजरेगा।