देश में लगातार हाइवे और एक्सप्रेस-वे बेहतर हो रहे हैं। ऐसे में सड़क हादसों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। जिस कारण सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सड़क दुर्घटना पीडि़तों के लिए खास योजना को बनाया जा रहा है। यह योजना क्या है, हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।
बन रही योजना
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से देशभर में होने वाले सड़क हादसों के बाद घायलों को समय पर इलाज दिए जाने को लेकर योजना बनाई जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन के मुताबिक MoRTH तीन से चार महीने में देश भर में सभी दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार शुरू करने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय स्कूल और कॉलेज पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा को शामिल करने पर सहमत हो गया है।
यह भी पढ़ें -
Car Care Tips: किसी कार के सस्ते वैरिएंट को खरीदने में है समझदारी, या होता है नुकसान, जानें सबकुछ
होते हैं सबसे ज्यादा सड़क हादसे
मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन के मुताबिक भारत में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है। साल 2030 तक दुर्घटनाओं को 50 फीसदी तक कम करने के लिए सड़क मंत्रालय ने सड़क के मुद्दे को संबोधित करने के लिए सड़क सुरक्षा के 5ई पर आधारित एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की है। शिक्षा, इंजीनियरिंग (सड़क और वाहन), प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल पर आधारित सुरक्षा। सड़क इंजीनियरिंग के एक भाग के रूप में, योजना स्तर पर सड़क सुरक्षा को सड़क डिजाइन का एक अभिन्न अंग बना दिया गया है। इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ई-डीएआर) परियोजना देश भर में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की रिपोर्टिंग, प्रबंधन और विश्लेषण के लिए एक केंद्रीय भंडार स्थापित करने और एक या दो महीने के भीतर इंजीनियरिंग दोषों को ठीक करने के लिए शुरू की गई है।”
यह भी पढ़ें -
Car Number Plate Meaning: वाहनों की नंबर प्लेट के रंग में छिपा होता है बड़ा राज, क्या जानते हैं आप
जागरूकता है जरुरत
अनुराग जैन के मुताबिक सड़क सुरक्षा के बारे में शिक्षा और जागरूकता के लिए, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय जल्द ही लागू होने वाले स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में सड़क सुरक्षा को शामिल करने पर सहमत हुआ है। वाहन इंजीनियरिंग के लिए दोपहिया वाहनों में एबीएस ब्रेक, ओवर स्पीड चेतावनी प्रणाली, सीट बेल्ट रिमाइंडर और भारत एनसीएपी की शुरूआत सहित कई कदम उठाए गए हैं।
यह भी पढ़ें -
Car Sunroof: क्या आप अपनी कार में भी लगवा सकते हैं सनरूफ, जानें खर्च से लेकर फायदे-नुकसान तक सबकुछ