ओला इलेक्ट्रिक सरकार की जांच के दायरे में क्यों आई है
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के आंकड़ों से पता चलता है कि उसे 1 सितंबर, 2023 से 30 अगस्त, 2024 तक ओला ई-स्कूटर के खिलाफ 10,644 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 3,389 शिकायतें सर्विस में देरी से संबंधित हैं, 1,899 नए वाहनों की डिलीवरी में देरी से संबंधित हैं और 1,459 वादे पूरे न किए जाने वाली सेवाओं से संबंधित हैं।
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ओला इलेक्ट्रिक FAME II (फेम-2) और PM E-DRIVE (पीएम ई-ड्राइव) योजनाओं का लाभार्थी है। इसका पात्रता प्रमाणपत्र मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत प्रमाणन और परीक्षण एजेंसी ARAI द्वारा प्रदान किया गया है।
FAME II और PM E-DRIVE योजनाओं के तहत, ओला इलेक्ट्रिक जैसे मूल उपकरण निर्माताओं (OEM) (ओईएम) को ग्राहकों की समस्याओं को हल करने के लिए सेवा केंद्र बनाए रखने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, सभी ओईएम को इन योजनाओं के हिस्से के रूप में वारंटी देना जरूरी है।
टेस्टिंग सेंटर को भेजे गए मंत्रालय के पत्र में कहा गया है, "ओला इलेक्ट्रिक इस योजना के तहत लाभार्थी है, जिसकी FAME-II और PM E-DRIVE के तहत पात्रता मानदंड ARAI द्वारा जारी किए गए हैं। इसलिए, आपको इस मुद्दे पर एमएचआई को जल्द से जल्द अपनी टिप्पणी देनी होगी।"
कारण बताओ नोटिस में उपयोगकर्ता की शिकायतों जैसे मैन्युफेक्चरिंग डिटेक्ट (विनिर्माण दोष), बुकिंग रद्द करने पर आंशिक या कोई रिफंड नहीं मिलना, सर्विसिंग के बावजूद बार-बार समस्या, ज्यादा शुल्क लेना, गलत चालान और बैटरी और वाहन कंपोनेंट्स के साथ कई समस्याएं शामिल हैं।
15 दिनों के भीतर नोटिस का देना है जवाब
नोटिस के अनुसार, भाविश अग्रवाल द्वारा संचालित ईवी कंपनी को हासिल के 15 दिनों के भीतर नोटिस का जवाब देना जरूरी है।