जापानी कार कंपनी टोयोटा की राह पर अब देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति भी चल पड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जल्द ही फ्लेक्स फ्यूल से चलने वाली कार ला सकती है।
भारत सरकार देश में लगातार ऐसे वाहन लाने पर जोर दे रही है। जिनसे प्रदूषण कम हो। इसी क्रम में अब देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अब फ्लेक्स फ्यूल पर चलने वाली कारें ला सकती है।
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क्या है कंपनी का प्लान
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मारुति सुजुकी
- फोटो : सोशल मीडिया
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी साल 2023 तक इथेनॉल से चलने वाले इंजन को तैयार कर सकती है। इंजन तैयार होने के बाद कंपनी की सभी कारों में इस तरह की तकनीक वाले इंजन ऑफर किए जाएंगे। कंपनी की सभी कारें 20 फीसदी इथेनॉल वाले ईंधन के साथ चलाई जा सकेंगी।
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ग्राहकों को होगा फायदा
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फ्लेक्स फ्यूल वाली कार
- फोटो : सोशल मीडिया
कंपनी के इस फैसला से सबसे ज्यादा फायदा ग्राहकों को भी होगा। देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारें इसी कंपनी की होती हैं। ऐसे में अगर कंपनी की ओर से इथेनॉल से चलने वाले इंजन की कारें बाजार में आ जाती हैं। तो ग्राहकों को महंगे पेट्रोल और सीएनजी से राहत मिलेगी। क्योंकि पेट्रोल और सीएनजी की तुलना में इथेनॉल से कार चलाना सस्ता होगा।
इथेनॉल से कार चलाने पर जहां ग्राहकों को फायदा होगा। वहीं पर्यावरण को भी होने वाले नुकसान में कमी आएगी। क्योंकि इथेनॉल से बनने वाले ईंधन से कार चलाने पर प्रदूषण नहीं होता इसलिए फ्लेक्स फ्यूल वाली कारों से पर्यावरण को भी फायदा होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में वाहन निर्माताओं को अप्रैल 2023 तक 20 फीसदी मिश्रण वाले ई20 ईंधन के साथ चलाई जा सकने वाली कार बनाने का पालन करना है। सरकार की ओर से 2030 तक 20 फीसदी इथेनॉल की ब्लैंडिंग के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिए जाने की घोषणा की गई थी। लेकिन बाद में बदला गया और 2030 की जगह 2025 कर दिया गया।
जापानी कार कंपनी टोयोटा ने देश में सबसे पहले फ्लेक्स फ्यूल वाली कार को पेश किया है। इस कार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लॉन्च किया था। यह देश की पहली कार है जिसे 100 फीसदी इथेनॉल वाले ईंधन पर चलाया जा सकता है।