एकमुश्त निपटारा योजना से बढ़ेगा राजस्व
खबरों के मुताबिक, यह प्रस्ताव सरकार के पास गंभीरता से विचाराधीन है और इससे राज्य को जरूरी राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में करीब 1,817 करोड़ रुपये के ई-चालान लंबित हैं, जिनमें से अब तक सिर्फ 817 करोड़ रुपये की वसूली हो पाई है। शेष 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम की भरपाई के लिए अब सरकार वैकल्पिक रास्ते तलाश रही है।
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छोटे वाहनों के लिए 75% तक की छूट
सरकार दोपहिया और तिपहिया वाहन मालिकों को बड़ी राहत देने की योजना बना रही है। प्रस्तावित योजना के तहत इन्हें अपने बकाया जुर्माने का सिर्फ 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा और बाकी 75 प्रतिशत माफ कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, जो लोग चालान जारी होने के 15 दिनों के भीतर जुर्माना भर देंगे, उन्हें 50 प्रतिशत तक की छूट भी मिल सकती है। इससे लोगों को समय पर चालान भरने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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लग्जरी गाड़ियों के लिए कम राहत
हालांकि, लग्जरी गाड़ियों के मालिकों को इतनी छूट नहीं मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार एक टियर सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही है, जहां वाहन के प्रकार और उसकी कीमत के आधार पर छूट तय की जाएगी। इसका मकसद न्यायसंगत तरीके से अधिकतम वसूली सुनिश्चित करना है।
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लोक अदालत से आगे बढ़ेगी नई योजना
इससे पहले सरकार ने लंबित चालानों की वसूली के लिए लोक अदालत का सहारा लिया था, जिसमें 50 प्रतिशत तक की राहत दी गई थी। हालांकि, इसमें जनता की भागीदारी बहुत कम रही। अब सरकार को उम्मीद है कि यह नई एकमुश्त निपटारा योजना ज्यादा प्रभावी साबित होगी और बड़ी संख्या में लोग इसका फायदा उठाएंगे। फिलहाल, योजना कब लागू होगी इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में इसे लागू कर दिया जाएगा।
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