इलेक्ट्रिक वाहनों में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसके चलते पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलना के चलन में पिछले कुछ वर्षों में बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, ऐसा लगता है कि पुराने सैन्य वाहनों पर भी इसी तरह का प्रयोग किया जा रहा है। और यह प्रयोग कोई और नहीं बल्कि ब्रिटिश सेना कर रही है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने सैन्य वाहनों के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने Land Rover Defender (लैंड रोवर डिफेंडर) एसयूवी को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए बैबॉक इंटरनेशनल के साथ एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं।
ब्रिटिश सेना ने पूरे प्रोजेक्ट को Lurcher नाम दिया है, जिसके तहत इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के फायदों और चुनौतियों की टेस्टिंग करने के लिए डीजल लैंड रोवर डिफेंडर्स को शून्य-उत्सर्जन पावरट्रेन के साथ फिट किया जाएगा। बैबॉक, इलेक्ट्रोजेनिक के सहयोग से, ब्रिटिश सेना के लैंड रोवर डिफेंडरों का इलेक्ट्रिफिकेशन करेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों में कंवर्जन के लिए कुल चार एसयूवी को चुना गया है।
इन चार लैंड रोवर डिफेंडर्स में से, जो अभी भी सर्विस में हैं, दो संरक्षित वाहन हैं, और दो सामान्य सर्विस वाहन हैं। इन सभी में पुराने डीजल इंजन मिलते हैं, जो जल्द ही चलन से बाहर हो जाएंगे क्योंकि वैश्विक ऑटो उद्योग शून्य-उत्सर्जन युग में एंट्री करने की तैयारी में है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, ब्रिटिश सेना अपने पुराने वाहन बेड़े की लाइफ को बढ़ाने के नए तरीके खोजने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, यह इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के डिफेंस एप्लिकेशन और इसमें आनेवाली चुनौतियों को ढूंढ रहा है।
इलेक्ट्रिक मॉडिफिकेशन में एक ड्रॉप-इन किट और एक मॉडिफाइड बैटरी सिस्टम शामिल होगा, जो एसयूवी में मूल डीजल इंजनों को बदल देगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के डीजल इंजन की तुलना में ज्यादा पावरफुल होने का दावा किया जा रहा है। वे आवश्यक अनुप्रयोगों के लिए पर्याप्त रेंज वाले सैन्य वाहन प्रदान करने का दावा करते हैं।