देश में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों का चलन बढ़ रहा है। लेकिन जानकारी ना होने के कारण लोग ऐसी कारों को चलाते समय कुछ गलतियां कर देते हैं। जिससे परेशानियां हो जाती हैं। ऐसी कौन सी बातें हैं, जिनका ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं।
देश में लगातार सड़कों पर ट्रैफिक में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में लोग अब ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों को खरीदना पसंद करते हैं। इन कारों को खरीदने के बाद इन्हें चलाने की सही जानकारी ना होने के कारण कई बार ऐसी गलतियां हो जाती हैं। जिनके कारण बीच सफर में परेशानी हो जाती हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि अगर आप भी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कार को चलाना चाहते हैं, तो किन गलतियों को ना करें।
ट्रैफिक वाली सड़कों पर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों का कोई मुकाबला नहीं है। इसी कारण एएमटी गियरबॉक्स वाली कारों की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है। एएमटी गियरबॉक्स वाली कारों की कीमत करीब पांच लाख रुपये के आस-पास से शुरू हो जाती है। मारुति से लेकर मर्सिडीज तक सभी कार कंपनियां अपने पॉपुलर मॉडल्स का एएमटी वैरिएंट ऑफर कर रही हैं। यही वजह है कि लोग अब मैनुअल से ऑटोमैटिक गियरबॉक्स पर शिफ्ट हो रहे हैं। एएमटी कारें लेने के बाद भी लोगों को इन्हें सही से चलाने की जानकारी नहीं होती, जिसके कारण गलतियां हो जाती हैं।
ऑटोमैटिक कारों के साथ जो सबसे बड़ी गलती लोग करते हैं वह यह है कि ढलान में कार के उतरते समय तेल बचाने के लिए कार को ‘N’ यानी न्यूट्रल में कर देते हैं। ऐसा करने से कार के गियरबॉक्स को भारी नुकसान पहुंच सकता है। दरअसल, ऐसा करने से सभी तरह की सप्लाई कट जाती हैं और ट्रांसमिशन को ऑपरेशन के लिए लुब्रिकेशन नहीं मिल पाता। जिससे गियर को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं ऐसा करने से आपात स्थिति में कार को कंट्रोल करना भी मुश्किल हो जाता है।
ऑटोमैटिक कार चलाने के दौरान दूसरी सबसे आम गलती होती है कि कार को बिना रोके सीधा रिवर्स गियर लगा देते हैं। कार को बिना रोके सीधा रिवर्स गियर में डालने से कार का गियरबॉक्स फेल हो सकता है। ऐसा मैनुअल कारों के साथ भी होता है, अगर इनमें भी सीधे ही रिवर्स गियर डाल देते हैं, तो गियरबॉक्स खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऑटोमैटिक कार को बिना रोके सीधे ‘D’ से ‘R’ में शिफ्ट करना खतरनाक हो सकता है।
ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कारों में एक फीचर होता है लान्च कंट्रोल। मैनुअल गियर से ऑटोमैटिक पर शिफ्ट करने वालों को अकसर यह समझ नहीं आता है। लोग सीधे न्यूट्रल से ‘D’ पर शिफ्ट कर देते हैं। इसका सही तरीका है कि ड्राइविंग के दौरान ब्रेक पैडल पर प्रेस करें और लान्च करने के बाद ब्रेक पैडल से पैर हटा लें, ठीक वैसे ही जैसे मैनुअल कारों में क्लच के साथ करते हैं। ध्यान रखें कि कार को बार-बार लान्च करने से ट्रांसमिशन पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है।
ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में ‘P’ मोड का मतलब होता है पार्किंग। इसका उपयोग कार को आगे या पीछे जाने से रोकने के लिए किया जाता है। इस मोड पर लीवर को लाने से पहले कार को जरूर रोकें। चलती कार को सीधे पी मोड पर न डालें। अगर चलती कार में पी मोड का प्रयोग करेंगे, तो ट्रांसमिशन को नुकसान पहुंच सकता है। जब कार पूरी तरह से रुक जाए, तभी पार्किंग मोड का उपयोग करें।
यह गलती करीब-करीब सभी लोग करते हैं। लोग रेड लाइट पर ऑटोमैटिक कार को न्यूट्रल पर डाल देते हैं। ऐसा तेल बचाने के लिए किया जाता है। लेकिन ऐसा करने से गियरबॉक्स को नुकसान पहुंच सकता है। अगर रेड लाइट पर कार रुकी हुई है, तो ब्रेक का प्रयोग करें। जब आप रुकते हैं और कार ’D’ मोड पर है, तो सिस्टम वाहन को बंद कर देता है और ब्रेक पैडल से अपना पैर हटाने के बाद इंजन को फिर से शुरू कर देता है।