किआ की ओर से कैरेंस को भले ही सात सीटों के विकल्प के साथ पेश किया जाता है। लेकिन एक मामले में यह मारुति की अर्टिगा से पीछे रह जाती है। अर्टिगा के मुकाबले में कैरेंस में क्या खामी है। आइए जानते हैं।
साउथ कोरियाई कार कंपनी किआ की सस्ती सात सीटर एमपीवी कैरेंस की भारतीय बाजार में काफी डिमांड है। इस सेगमेंट में पहले से मौजूद मारुति अर्टिगा के मुकाबले कैरेंस को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। लेकिन एक मामले में कैरेंस मारुति की अर्टिगा से पीछे रह जाती है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि ऐसी कौन सी चीज है जिसमें कैरेंस मारुति की अर्टिगा का मुकाबला नहीं कर पाती।
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कैसी है किआ कैरेंस
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किया कैरेंस
- फोटो : kia india
किआ की ओर से कैरेंस को कम दाम वाली सात सीटर एमपीवी के तौर पर ऑफर किया जाता है। कंपनी की ओर से इसमें स्टैंडर्ड तौर पर छह एयरबैग दिए जाते हैं। इसमें 10.25 इंच की टचस्क्रीन मिलती है। इसके अलावा इसमें बोस के आठ स्पीकर वाला म्यूजिक सिस्टम दिया जाता है।
अर्टिगा और कैरेंस की बिक्री की बात करें तो भारतीय बाजार में फरवरी 2023 के दौरान कैरेंस की कुल बिक्री 6248 यूनिट्स की रही। वहीं मारुति अर्टिगा की कुल 6472 यूनिट्स की बिक्री फरवरी महीने में हुई। दोनों ही एमपीवी बिक्री के मामले में करीब बराबर रहीं और इनमें सिर्फ 224 यूनिट्स का मामूली अंतर रहा।
किआ कैरेंस की लगातार डिमांड बढ़ रही है। कंपनी की ओर से जब से कैरेंस को भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया है तभी से इसको पसंद करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बजट एमपीवी सेगमेंट में कैरेंस दूसरी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली गाड़ी है।
अर्टिगा के मुकाबले कैरेंस भले ही बेहतर विकल्प लगता हो, लेकिन अभी-भी इसमें एक बड़ी कमी है जिसके चलते अर्टिगा को पसंद किया जाता है। कैरेंस में कंपनी भले ही पेट्रोल और डीजल का विकल्प देती है लेकिन इसमें अभी-भी सीएनजी का विकल्प नहीं मिलता। वहीं अर्टिगा में पेट्रोल और सीएनजी दोनों का ही विकल्प मिलता है, जो ग्राहकों को काफी पसंद आता है।
दोनों ही एमपीवी के इंजन की बात करें तो अर्टिगा में कंपनी 1462 सीसी का के15सी स्मार्ट हाइब्रिड इंजन देती है। इस इंजन से एमपीवी को 75.8 किलोवॉट की पावर और 136.8 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है वहीं इसके सीएनजी विकल्प के साथ एमपीवी को 64.6 किलोवॉट की पावर और 121.5 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है।
कैरेंस में कंपनी पेट्रोल और डीजल इंजन का विकल्प देती है। इसके पेट्रोल इंजन से 115 बीएचपी की ताकत मिलती है। वहीं इसके टर्बो इंजन से 140 बीएचपी की पावर मिलती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अर्टिगा के पेट्रोल वैरिएंट के लिए करीब 12 हफ्ते और सीएनजी वैरिएंट के लिए करीब 30 से 36 महीने तक का इंजतार करना पड़ रहा है। वहीं कैरेंस को खरीदने के लिए ग्राहकों को करीब 12 हफ्ते का इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि यह हर शहर और डीलर पर अलग-अलग हो सकता है।
मारुति अर्टिगा और किया कैरेंस
- फोटो : सोशल मीडिया
अर्टिगा के पेट्रोल वैरिएंट की एक्स शोरुम कीमत की शुरूआत 8.49 लाख रुपये से हो जाती है। इसके सीएनजी वैरिएंट की कीमत 10.58 लाख रुपये से शुरू होती है। वहीं कैरेंस की एक्स शोरुम कीमत की शुरूआत 10.45 लाख रुपये से होती है और इसके टॉप वैरिएंट की कीमत 17.50 लाख रुपये तक जाती है।