पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन काफी ज्यादा प्रदूषण करते हैं। जिससे ग्लोबल वॉर्मिंग जैसे खतरे बढ़ रहे हैं। ऐसे में कई देशों ने अब अन्य विकल्पों वाले वाहनों का उपयोग शुरू कर दिया है। हालांकि अभी ये काफी कम है लेकिन भविष्य में वैकल्पिक ईंधन का उपयोग काफी ज्यादा हो जाएगा। इसी क्रम में भारत की सरकार भी काम कर रही है। भारत की ओर से इस दिशा में क्या तैयारी की जा रही है, आइए जानते हैं।