फ्यूल वाली कारों की तरह ही हाइब्रिड कार में भी कई उपकरण समान होते हैं। ऐसे में गाड़ी में फ्ल्यूड का स्तर पूरा होना चाहिए, जैसे इंजन ऑयल का स्तर, ब्रेक ऑयल, ट्रांसमिशन ऑयल कूलेंट और वाइपर्स फ्ल्यूड आदि का स्तर सही होना चाहिए। इन सभी की समय-समय पर जांच करें और किसी तरह की परेशानी नजर आने पर इन्हें बदल दें।
ईंधन वाली कारों की तरह ही हाइब्रिड कार में भी टायर काफी अहम भूमिका निभाते हैं। अगर टायरों की स्थिति सही है तो इससे कार भी बढ़िया परफॉर्मेंस देगी। ऐसे में नियमित अंतराल पर टायरों की जांच करते रहें, अगर टायरों में घिसाव का स्तर ज्यादा हो गया है तो टायरों को बदलना ही सही रहेगा।
फ्यूल और इलेक्ट्रिक कार की तरह ही हाइब्रिड कार के टायरों में भी हवा का स्तर सही होना चाहिए। अगर टायरों में एयर प्रेशर सही होगा तो गाड़ी अपनी पूरी क्षमता के साथ सही ढंग से चलेगी। साथ ही टायरों में किसी भी तरह की लीकेज या छेद होने पर टायरों को बदल देना चाहिए। ऐसा करके कार की सेफ्टी भी बढ़ जाती है।
हाइब्रिड कार के लिए बैटरी का सही रहना काफी जरूरी है। ऐसे में वाहन की क्षमता बढ़ाने के लिए और बैटरी को हमेशा चार्ज रखें। बैटरी की कंडीशन सही रहेगी तो इसका सीधा असर कार की लाइफ पर पड़ेगा। अगर आपको कार की बैटरी में कुछ भी दिक्कत लगे तो बिना देरी किए किसी मैकेनिक को दिखाएं।
हाइब्रिड कार की सेफ्टी और गाड़ी को सही स्थिति में रखने के लिए ब्रेक और सस्पेंशन का सही रहना काफी जरूरी है। किसी भी तरह की कार में ब्रेक अहम भूमिका निभाते हैं, ऐसे में अगर ब्रेक में कुछ भी परेशानी दिखें तो फौरन किसी मैकेनिक को दिखाएं। वरना कभी भी कोई हादसा हो सकता है। साथ ही सस्पेंशन अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करें, इस बात का ध्यान रखें।