अगर आपने भी अपनी कार या बाइक पर लोन लिया था। बाद में उसे चुका दिया है तो एक काम आपको जरूर करना चाहिए। नहीं तो बाद में जब भी वाहन को बेचेंगे तो बड़ी परेशानी हो सकती है।
देश में ज्यादातर वाहन खरीदते समय लोन जरूर लिया जाता है। वाहन की आरसी पर भी इसकी जानकारी दी जाती है। जिसके कारण बिना लोन चुकाए वाहन को बेचना असंभव होता है। अगर आपने भी अपने वाहन पर लिए गए लोन को चुका दिया है तो एक काम जरूर करना चाहिए। इस काम को ना करने पर आपको बाद में वाहन बेचने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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क्या होता है हाइपोथिकेशन
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- फोटो : सोशल मीडिया
ज्यादातर लोग नया वाहन खरीदते समय बैंक से लोन लेते हैं। ऐसे में वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर हाइहाइपोथिकेशन दर्ज हो जाता है। इसकी जानकारी आरसी में भी होने के कारण वाहन को बेचना असंभव होता है। अगर वाहन बेचना हो तो हाइपोथिकेशन को हटाना काफी जरूरी हो जाता है।
अगर आप अपने वाहन को लंबे समय तक रख रहे हैं तो भी आपको लोन चुकाने के बाद लापरवाही नहीं करनी चाहिए। एक बार पूरा लोन वापस करने के बाद आरसी पर चढ़े हुए हाइपोथिकेशन स्टेटस को जरूर हटवाना चाहिए। ऐसा ना करने पर भविष्य में वाहन बेचने में समस्या आती है।
हाइपोथिकेशन को हटवाना काफी आसान हो गया है। इसके लिए केंद्र सरकार की वेबसाइट परिवहन पर जाकर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर लॉगइन किया जा सकता है। लॉगिन करने के बाद ऑनलाइन सर्विसेज का विकल्प चुनना होता है। यहां पर व्हीकल रिलेटिड सर्विस में जाकर हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन प्रोसेस के विकल्प को चुनना होता है।
हाइपोथिकेशन हटवाने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया के दौरान ज्यादातर यूजर पहली बार यह प्रक्रिया करते हैं। टर्मिनेशन प्रोसेस के विकल्प को चुनने के बाद रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना होता है। हालांकि दिल्ली और सिक्किम के अलावा अन्य राज्यों के वाहनों के लिए लॉगिन और रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती। एक बार रजिस्टर करने के बाद ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 35 और एनओसी को अपलोड करना होता है। इस फॉर्म और एनओसी को पूरी पेमेंट करने के बाद बैंक से लिया जा सकता है। इस पर वाहन के मालिक और फाइनेंशियर के साइन जरूरी होते हैं।
एक बार ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद सभी कागजों का प्रिंट निकाल लें। इन कागजों को वाहन की असली आरसी, इंश्योरेंस कॉपी, पीयूसी एड्रेस प्रूफ, वाहन के चेसिस नंबर और इंजन नंबर की जानकारी वाले कागजों की फोटोकॉपी को लेकर नजदीकी आरटीओ ऑफिस में जमा करवाना होता है।
एक बार आरटीओ में कागज जमा होने के बाद इनकी चेकिंग की जाती है। सभी कागजों की वेरिफिकेशन होने के बाद वाहन की असली आरसी को जमा करवाना पड़ता है। आरसी जमा होने पर आरटीओ की ओर से जमा करने की स्लिप जारी की जाती है। इसके कुछ दिन बाद आरटीओ की ओर से नई आरसी पोस्ट के जरिए आपके पते पर भेज दी जाती है।