एक कार को ठीक से काम करने के लिए कुछ बुनियादी रेगुलर मेंटनेंस की जरूरत होती है। इनमें से कई काम को कार मालिक या ड्राइवर घर पर खुद ही कर सकते हैं। जबकि कुछ को पेशेवर मदद की जरूरत होती है। कार बेहतर तरीके से चल सके इसके लिए कुछ जरूरी रखरखाव कार्यों में से एक रेडिएटर को फ्लश करना है। कार रेडिएटर इंजन के तापमान को कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाता है।
रेडिएटर कार के फ्रंट ग्रिल के ठीक पीछे और इंजन के सामने स्थित होता है। रेडिएटर इंजन की कूलिंग सिस्टम का एक प्रमुख कंपोनेंट है। इसकी मुख्य भूमिका पूरे पंखों में एंटीफ्रीज और पानी के मिक्चर को फैलाना है, जो इंजन के बाकी हिस्सों में पास करने से पहले ठंडी हवा लेते समय इंजन की कुछ गर्मी को छोड़ने में मदद करता है। इस प्रक्रिया में, रेडिएटर अक्सर बंद हो जाता है।
रेडिएटर फ्लश को कूलेंट फ्लश के रूप में भी जाना जाता है। यह कार रेडिएटर की सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल का मिश्रण है। रेडिएटर फ्लश में कूलिंग सिस्टम के जरिए कई लीटर पानी और नए कूलेंट को बहाना शामिल होता है। ताकि पुराने कूलेंट के साथ-साथ समय के साथ जमा हुए दूषित पदार्थों से छुटकारा मिल सके। रेडिएटर को फ्लश करने से गंदगी, जंग, दूषित पदार्थ और कण निकल जाते हैं जो रेडिएटर या इंजन के पूरे कूलिंग सिस्टम को जाम कर सकते हैं। कार के रेडिएटर को फ्लश करने के कुछ फायदों में स्केल जमा और जंग को हटाना, पानी पंप की चिकनाई, दूषित पदार्थों को हटाना, फोम और जंग के खिलाफ कूलिंग सिस्टम की सुरक्षा, पुराने एंटी-फ्रीज को साफ करना और इंजन की लाइफ को बढ़ाना शामिल है।
इंजन का ज्यादा गर्म होना
सबसे मुख्य संकेतों में से एक जिससे पता चलता है कि आपकी कार के रेडिएटर को फ्लश की जरूरत है, वह है इंजन का ज्यादा गर्म होना। यदि इंजन अक्सर ज्यादा गर्म हो रहा है लेकिन कूलेंट का लेवल बरकरार है। तो इसका मतलब है कि कूलेंट दूषित है या रेडिएटर ठीक से काम नहीं कर रहा है। ऐसे मामलों में, रेडिएटर को फ्लश करवाएं।
कूलेंट लीकेज
आपकी कार से कूलेंट का रिसाव इस बात का संकेत हो सकता है कि वाहन को रेडिएटर फ्लश की सख्त जरूरत है। कूलिंग सिस्टम में जमा गंदगी और मलबा रेडिएटर को हाई प्रेशर में चलाने का कारण बन सकता है। जो कूलेंट नली या इनलेट या आउटलेट से समझौता कर सकता है।
दूषित कूलेंट
कूलेंट खराब हुआ है या नहीं, इसे कूलेंट इनलेट कैप को खोलकर देखकर पता लगाया जा सकता है। यह खराबी तब हो सकता है यदि मालिक पुराने कूलेंट को बाहर निकालना भूल जाते हैं और कूलेंट स्टोर करने वाले जगह को ऊपर से भरते रहते हैं। इसकी वजह से स्केलिंग और जंग लग जाती है, जो कूलेंट को दूषित कर देती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कूलेंट के रंग की जांच करें कि वह दूषित है या नहीं। इसका रंग या तो हरा या लाल होना चाहिए। यदि रंग मटमैला भूरा है तो अब रेडिएटर को फ्लश कराने का समय आ गया है।
इंजन बे से मीठी गंध
यदि इंजन बे से मीठी गंध आती है, तो इसका मतलब है कि इंजन के अंदर कूलेंट लीक हो रहा है। जलने वाले कूलेंट से मेपल सिरप जैसी गंध आ सकती है। भले ही आपको इंजन में कूलेंट जलने की हल्की सी गंध आ रही हो, तो यह तत्काल रेडिएटर फ्लश कराने का समय है।