फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Car Tips: कारों के लिए कितने जरूरी हैं एबीएस और ईबीडी सेफ्टी फीचर्स, जानें कैसे करते हैं काम

Thu, 18 Jan 2024 11:02 AM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कारों में सुरक्षा के लिए कई फीचर्स मिलते हैं। लेकिन दो ऐसे फीचर्स हैं। जिनको ज्यादातर कारों में दिया जाता है। यह कैसे काम करते हैं। आइए जानते हैं।

विज्ञापन
एबीएस और ईबीडी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कारों में कई तरह के सेफ्टी फीचर्स को दिया जाता है। लेकिन इनमें से दो फीचर ऐसे हैं। जिनको सुरक्षा के लिए ज्यादातर कंपनियों की ओर से अपनी सभी कारों में दिया जाता है। हम इस खबर में आपको इन दोनों फीचर्स की पूरी जानकारी दे रहे हैं। साथ ही यह भी बता रहे हैं कि यह कैसे काम करते हैं।

विज्ञापन


कौन से हैं सेफ्टी फीचर्स
ज्यादातर कारों में दो सेफ्टी फीचर्स को अनिवार्य तौर पर दिया जाता है। इनमें एबीएस और ईबीडी जैसे फीचर्स हैं। इन दोनों ही फीचर्स के कारण कई बार हादसों से कार को बचाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें - Rumble Strip: कई सड़कों पर एकसाथ आ जाते हैं कई स्पीड ब्रेकर, जानें कहां होता है इस्तेमाल
विज्ञापन


क्या है एबीएस
कारों में स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर के तौर पर मिलने वाला पहला फीचर एबीएस है। एबीएस का पूरा नाम एंटी लॉक ब्रेकिंग है। यह वाहन का एक ऐसा सुरक्षा फीचर है जो बाइक या कार को अचानक ब्रेक लगाने पर स्किड होने से बचाता है, साथ ही गाड़ी को कंट्रोल में रखने का काम करता है। इसमें लगे वाल्व और स्पीड सेंसर की मदद से अचानक ब्रेक लगने पर गाड़ी या बाइक के पहिये लॉक नहीं होते हैं और गाडी बिना स्किड किए कम दूरी में रुक जाती है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें -  Faulty Spark Plug: अगर कार में स्पार्क प्लग हो जाए खराब, होने लगते हैं ये चार बदलाव, कभी ना करें नजरअंदाज

क्या है ईबीडी
ईबीडी एक ऐसा सिस्टम है जिससे गाड़ी की स्पीड, वजन और सड़क की स्थिति को देखते हुए ब्रेक अलग-अलग पहिये को अलग अलग ब्रेक फोर्स देता है। जब कभी एकदम से ब्रेक लगाए जाते हैं तो गाड़ी आगे की तरफ से दबती है और जब किसी मोड़ पर गाड़ी को मोड़ते हैं तो गाड़ी का वजन और बैठी सवारियों का भार एक तरफ हो जाता है। ऐसे में जब एकदम से ब्रेक लगाने पड़ते हैं तो बिना ईबीडी की गाड़ियों के स्किड होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। क्योंकि ईबीडी सिस्टम वजन और रोड की स्थिति के मुताबिक ही अलग-अलग पहिये को अलग-अलग ब्रेक फोर्स देता है। जिसकी वजह से गाड़ी किसी भी स्थति में भी कंट्रोल में रहती है और स्किड नहीं होती।

यह भी पढ़ें-  Carbon Fiber: क्या होता है कार्बन फाइबर, कितना होता है मजबूत, स्पोर्ट्स कारों में क्यों होता है इस्तेमाल

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें