इस घोषणा ने कर्मचारियों को चौंका दिया और जर्मनी के प्रमुख कार उद्योग के बारे में चिंताओं को बढ़ा दिया। क्योंकि यह उच्च लागत, चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की कमजोर मांग से जूझ रहा है।
हैबेक ने जर्मनी के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एमडेन में एक फॉक्सवैगन प्लांट का दौरा करते हुए कहा, "ज्यादातर कार्यों को फॉक्सवैगन द्वारा ही हल करना होगा।"
उन्होंने मीडिया रिपोर्टों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि फॉक्सवैगन में हजारों नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। यह कहते हुए कि वह कंपनी की नीति में "हस्तक्षेप नहीं कर सकते"।
हैबेक ने कहा, लेकिन राजनेता कार सेक्टर को सही "बाजार संकेत" भेजने के तरीके देखकर मदद कर सकते हैं। लेकिन उन्होंने फॉक्सवैगन के लिए किसी भी संभावित सरकारी मदद का जिक्र करने से रुक गए।
उन्होंने खासतौर पर ईवी की मांग को बढ़ावा देने के प्रयासों की ओर इशारा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इलेक्ट्रिक ड्राइविंग "भविष्य है"।
सरकार द्वारा सब्सिडी खत्म करने के बाद इस साल जर्मनी में बैटरी कारों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। जिससे कार निर्माताओं को एक झटका लगा है, जिन्होंने जीवाश्म ईंधन से दूर जाने पर भारी निवेश किया है।
हैबेक ने बताया कि बर्लिन ने हाल ही में इलेक्ट्रिक कंपनी कारों के लिए नए टैक्स छूट की योजना बनाई है, ताकि स्थिति को बदलने में मदद मिल सके।
मंत्री सोमवार को कार उद्योग और यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ सेक्टर की परेशानियों पर चर्चा करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी करेंगे।
कार निर्माताओं के लिए मौजूदा चुनौतियों को बयां करते हुए, मर्सिडीज-बेंज ने गुरुवार को प्रमुख चीनी बाजार में कमजोर बिक्री के मद्देनजर 2024 के लिए अपने लक्ष्यों को कम कर दिया।
जर्मन प्रतिद्वंद्वी बीएमडब्ल्यू ने भी इसी महीने की शुरुआत में चीन में कम मांग का हवाला देते हुए अपने लाभ मार्गदर्शन में कटौती की।