Tata Motors (टाटा मोटर्स) साणंद में Ford India (फोर्ड इंडिया) के यात्री वाहन मैन्युफेक्चरिंग प्लांट का अधिग्रहण करने की तैयार में है। यह प्लांट अहमदाबाद से 40 किमी दूर स्थित है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों कंपनियों ने फोर्ड के पैसेंजर व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का मालिकाना हक टाटा मोटर्स को हस्तांतरित करने के लिए एक सहमति प्रस्ताव पेश किया है।
गुजरात सरकार द्वारा नियुक्त एक हाई-पावर्ड कमेटी (एचपीसी) प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। इससे अगले हफ्ते टाटा मोटर्स के फोर्ड प्लांट के अधिग्रहण का रास्ता साफ हो जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, "बड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए अप्रैल 2018 में गुजरात सरकार द्वारा एक एचपीसी का गठन किया गया था। कमेटी की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं। अगले हफ्ते होने वाली एचपीसी बैठक के दौरान, साणंद में अपने वाहन असेंबली प्लांट को टाटा मोटर्स को स्थानांतरित करने के लिए फोर्ड इंडिया के प्रस्ताव और हस्तांतरण से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और अंतिम रूप दिया जाएगा।"
यह टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी कि क्या टाटा मोटर्स को उस नए प्लांट के लिए इन्सेंटिव और बेनिफिट्स मिलेगा जिसे वह अधिग्रहित करने के लिए तैयार है। टाटा मोटर्स ने साणंद में नैनो प्लांट शुरू करने के दौरान जबरदस्त इंसेंटिव और बेनिफिट्स हासिल किया था।
फोर्ड मोटर कंपनी ने प्लांट स्थापित करने के लिए 4,500 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 2.4 लाख यूनिट्स के साथ-साथ 2.7 लाख इंजन है। टाटा मोटर्स ने भी अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर 4,500 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसकी उत्पादन क्षमता 1.5 लाख यूनिट सालाना है। यह यूनिट इस समय Tigor, Tiago और Tigor EV कारों का उत्पादन करती है।