इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है। क्योंकि वे पारंपरिक इंटरनल कंब्शन इंजन (आईसीई) वाहनों की तुलना में कई फायदों के साथ आते हैं। हालांकि, ईवी के अपने जोखिम हैं। ताजा घटना में, शुक्रवार देर रात पटना चिड़ियाघर के गेट नंबर 2 के पास भीषण आग लग गई। इस आग से कई ई-रिक्शा जलकर राख हो गए। माना जा रहा है कि आग किसी ई-रिक्शा में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी।
दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक 12 से ज्यादा ई-रिक्शा पूरी तरह से नष्ट हो चुके थे। आग में कोई घायल नहीं हुआ और जांच जारी है।
यह घटना भारत में ईवी में आग लगने की घटना को एक बार फिर दर्शाती है। जो देश में बड़े पैमाने पर ईवी अपनाने में एक बड़ी बाधा रही है। पिछले कुछ वर्षों में, ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिससे संभावित खरीदारों के बीच इन वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले दो वर्षों में देश भर में विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के कई कारण सामने आए हैं।
एएनआई द्वारा साझा किया गया वीडियो घटना के बाद का नतीजा दिखाता है। जिसमें न सिर्फ ईवी के बर्बाद होने का पता चलता है, बल्कि आसपास के क्षेत्र को भी काफी नुकसान हुआ है। इलेक्ट्रिक रिक्शा के जले हुए फ्रेम एकमात्र कंपोनेंट के रूप में खड़े थे जिन्हें देखा जा सकता था। जबकि सब कुछ आग की लपटों में खाक हो गया था।