नई कार की डिलीवरी लेते वक्त आपको सबसे पहले कार के एक्सटीरियर की जांच करनी चाहिए। कार का पेंट किसी कोने से हल्क तो नहीं है। कार के किसी भी पार्ट पर कोई स्क्रैच नहीं है। इसके बाद कार की सभी लाइट और इंडीकेटर्स को चेक करना चाहिए। अगर किसी लाइट की रोशनी कम नजर आती है तो आपको बिना देर किए कार डीलर को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
इसके बाद कार के इंटीरियर की जांच करें। अगर कार की सीट के साथ कोई भी परेशानी नजर आती है, तो भी कार डीलर को इसकी जानकारी दें। गाड़ी का इंफोटेनमेंट सिस्टम पूरी तरह से काम करना चाहिए। इसके अलावा कार की सुरक्षा के लिए सभी एयरबैग्स को भी चेक कर सकते हैं।
नई कार में अक्सर लोग इंजन पर ध्यान नहीं देते हैं। मगर यही सबसे बड़ी गलती है, जी हां, कई बार देखा गया है कि कार डीलर कार के इंजन के साथ किसी तरह की गड़बड़ी कर देते हैं। ऐसे में कार की इंजन की सही ढंग से जांच करना जरूरी है। इंजन की छोटी-मोटी तार और कोई कनेक्टर या प्लग कही से हटा हुआ तो नहीं है। इंजन की जांच करने के लिए कार की डिलीवरी से पहले एक बार कार को कुछ समय के लिए चलाकर देख लेना चाहिए, ताकि इंजन में किसी भी तरह की दिक्कत को आसानी से पहचाना जा सके।
गाड़ी को बाहर और अंदर से चेक करने के बाद कार के सभी दस्तावेजों को भी चेक करना चाहिए। डिलीवरी लेने से पहले यह जांच कर लें कि कार के सभी कागजात असली है, साथ ही पूरे भी हो। कार की मेन्यूल गाइड के साथ कुछ तरह की जानकारी भी कागज पर मिलती है, जिन्हें डीलर से लेना जरूरी है। कार के दस्तावेजों की जांच करने के लिए किसी एक्सपर्ट की मदद भी ली जा सकती है।