मुसाफिरों की अंतिर-छोर तक की यात्रा को आसान बनाने के लिए, नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी) और गाजियाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस ने मिलकर सात रूटों पर बस सेवाएं देने के लिए हाथ मिलाया है। जो गाजियाबाद में कौशांबी और लोनी और भारत के पहले क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए पड़ोसी राज्य दिल्ली में दिलशाद गार्डन सहित क्षेत्र के कई हिस्सों को कवर करता है।
एनसीआरटीसी ने हाल ही में एलान किया कि दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के संचालन खंड पर स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार के पास विकसित बस स्टॉपों से इन सात रूटों के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों में चढ़ा/उतारा जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया कि कवर किए जाने वाले मार्ग कौशांबी से कनोजा गांव (साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर और डुहाई आरआरटीएस स्टेशनों से जुड़ने वाले), पुराना बस अड्डा से मंडोला गाजियाबाद रूट (गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशन से जुड़ने वाला), कौशांबी से मोदी नगर रूट (साहिबाबाद से जुड़ने वाला), गाजियाबाद, गुलधर, डुहाई, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ और मोदी नगर नॉर्थ आरआरटीएस स्टेशन), लोनी से पुराना बस अड्डा रूट (गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशन से जुड़ने वाला), दिलशाद गार्डन से मसूरी रूट (गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशन से जुड़ने वाला), कौशांबी से संजय नगर/एएलटी रूट (साहिबाबाद और गाजियाबाद से जुड़ने वाला) आरआरटीएस स्टेशन), और कौशांबी से गोविंदपुराम रूट (साहिबाबाद और गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशनों से जुड़ने वाला) होंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि ये बस सेवाएं दिल्ली मेट्रो से आने-जाने वालों और आरआरटीएस में सवार होने वालों के लिए यात्रा को भी आसान बना देंगी। इन बसों की डिटेल्स, जिसमें किराया और समय शामिल है, आरआरटीएस कनेक्ट मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।
एनसीआरटीसी ने कहा, "इस इंटीग्रेशन में साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर और डुहाई सहित प्रमुख आरआरटीएस स्टेशन शामिल हैं। एनसीआरटीसी इन शहर की बसों के साथ मुरादनगर, मोदी नगर साउथ और मोदी नगर नॉर्थ स्टेशनों को इंटीग्रेट करने के लिए भी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है।"
इसके अलावा, एनसीआरटीसी ने साहिबाबाद और गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशनों पर ऑटो-रिक्शा, दोपहिया बाइक टैक्सी के साथ-साथ चार पहिया कैब सहित कैब सर्विस देने के लिए रैपिडो के साथ भी सहयोग किया है।
एनसीआरटीसी ने कहा, "एनसीआरटीसी पार्किंग क्षेत्रों में फास्ट ईवी चार्जर भी लगा रहा है ताकि लास्ट-मील कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सके। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों और नमो भारत ट्रेनों दोनों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होगी। साथ ही सार्वजनिक परिवहन मोड का एक स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल केंद्र भी बनेगा।"
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के सभी 25 स्टेशनों के साथ इंटीग्रेशन के लिए अन्य कैब एग्रीगेटर्स और बस ऑपरेटरों से भी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित की गई है। जिससे आरआरटीएस स्टेशनों के साथ शहरी नोड्स की कनेक्टिविटी और बढ़ेगी। और एक परिवहन केंद्र का निर्माण होगा।
एनसीआरटीसी ने कहा, "एनसीआरटीसी का लक्ष्य बस स्टैंड, एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशन और रेलवे स्टेशनों को आरआरटीएस स्टेशनों के साथ इंटीग्रेशन करके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में नेटवर्क का एक सुसंगत और परेशानी मुक्त नेटवर्क प्रदान करना है। आरआरटीएस स्टेशनों को रणनीतिक रूप से इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वे यात्रियों को परिवहन के एक साधन से दूसरे तक आसानी से जाने में सक्षम बनाते हैं।"
इस समय, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के साहिबाबाद और मोदी नगर उत्तर के बीच 34 किलोमीटर का खंड चालू है। यह साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुराद नगर, मोदी नगर दक्षिण और मोदी नगर उत्तर को जोड़ रहा है। एनसीआरटीसी को जून 2025 तक पूरे खंड को पूरी तरह तैयार करने की उम्मीद है।