कार हो या दो पहिया वाहन अक्सर उनके टायरों में खास तरह की दरारें दिखाई देती हैं। इन दरारों के आने का क्या कारण होता है और अगर यह आपके वाहन के टायर में भी दिखाई देती हैं तो क्या करना चाहिए। आइए जानते हैं।
अगर आपके पास कार, बाइक, स्कूटर या किसी भी तरह का वाहन है तो उसके टायर का ध्यान रखना काफी जरूरी होता है। अक्सर लोग टायरों के घिसने के बाद भी उन्हें चलाते रहते हैं लेकिन कई बार टायरों में दरार दिखाई देती हैं। यह दरारें किसी भी वाहन के लिए खतरनाक भी साबित हो सकती हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि टायरों में ये दरारें कब आती हैं और अगर आपके वाहन में भी यह दरार दिखाई देती हैं तो आपको क्या करना चाहिए।
विज्ञापन
कहां आती हैं दरारें
2 of 7
For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
सामान्य तौर पर किसी भी टायर की साइड वॉल पर ही यह दरारें आती हैं। यह काफी छोटी से लेकर बड़ी तक हो सकती हैं। साथ ही यह कम गहरी और कई बार ज्यादा गहरी भी होती हैं। अगर वाहन के टायर में दरार है तो टायर में हवा भी जल्दी कम होती है और बार-बार हवा भरवानी पड़ती है। कम हवा होने पर इन्हें आसानी से देखा जा सकता है।
कई लोग नई कार, बाइक या स्कूटर को खरीद लेते हैं लेकिन उन्हें काफी कम चलाते हैं। अगर लंबे समय तक वाहन को कम चलाया जाए, तो भी टायर की रबड़ सूख जाती है। एक बार रबड़ सूख जाए तो फिर दरार दिखाई देने लगती हैं।
जी नहीं। अगर एक बार टायर में दरार आ जाए तो फिर उनकी मरम्मत नहीं की जा सकती। इनकी मरम्मत इसलिए भी नहीं होती क्योंकि यह टायर के साइड वाल पर होती हैं और वहां पर किसी भी चीज से मरम्मत करने के बाद भी वह कारगर साबित नहीं होती। इसलिए कोई भी कंपनी या पंचर लगाने वाले ऐसे टायर की मरम्मत नहीं कर पाते।
कैसे करें जांच
अगर आपको भी अपने वाहन के टायरों की जांच करनी है तो ध्यान से टायर को देखना चाहिए। इसके लिए आप टॉर्च की मदद भी ले सकते हैं। चांज के दौरान अगर टायर में हल्की दरार हैं तो कुछ समय के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं होती लेकिन अगर इनमें धातु के तार दिखाई दें तो जल्द से जल्द टायर बदल लेने चाहिए।
अगर आपके वाहन के टायर में कम और हल्की दरार हैं तो ऐसे टायर को कुछ और समय तक चलाया जा सकता है। लेकिन अगर दरार ज्यादा हैं तो फिर टायर को कंपनी के सर्विस सेंटर पर दिखाया जा सकता है। इसके बाद कंपनी के एक्सपर्ट टायर की जांच करते हैं और अगर टायर वारंटी में होते हैं तो उन्हें बदल दिया जाता है। हालांकि बदलने से पहले टायर को कंपनी की लैब में भेजा जाता है और टायर की घिसाई और कई चीजों को ध्यान में रखते हुए पुराने खराब टायर को बदला जाता है। कई बार कुछ कंपनियां इसके लिए थोड़ा चार्ज भी करती हैं।