वाहन के किसी भी टायर में अगर हवा का स्तर कम है तो इससे गाड़ी फ्यूल की खपत ज्यादा करती है। इससे पीछे का कारण है कि गाड़ी को चलने के लिए ज्यादा क्षमता का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके साथ ही गाड़ी की सेफ्टी भी कमजोर पड़ जाती है।
अगर दोपहिया या फिर कार के किसी भी टायर में हवा का स्तर कम है तो इससे गाड़ी की ग्रिप और हैंडलिंग में कमी आ जाएगी। वाहन चलाने में ज्यादा प्रेशर लग सकता है, क्योंकि एक टायर में एयर प्रेशर कम होगा। ऐसी स्थिति में वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है या फिर कभी भी किसी के साथ अचानक से टक्कर हो सकती है।
वाहन के किसी भी टायर में अगर सही मात्रा में एयर प्रेशर नहीं है तो इससे टायर के फटने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा होने से वाहन किसी बड़े हादसे का शिकार भी हो सकता है। दरअसल, कई बार टायरों में एयर प्रेशर कम होने से टायर की ट्रीड यानी दीवार चौड़ी हो जाती है, इस वजह से हादसा हो सकता है।
वाहन के टायर में अगर एयर प्रेशर कम है तो इससे गाड़ी में ब्रेक लगाने के लिए पहले से ज्यादा समय लगता है। कई बार ब्रेक लगाने के बाद भी वाहन रुकने में काफी ज्यादा दूरी तय कर लेता है, इस वजह से हादसे की संभावना बढ़ जाती है या फिर कई बार ब्रेक लगाने के बाद भी अन्य वाहन से टक्कर हो जाती है।