अगर आपके पास कार है या फिर आपने कभी सीएनजी वाली कार चलाई है तो आप जानते होंगे कि सीएनजी कार लगभग पेट्रोल वाली कार की तरह ही नजर आती है। साथ ही सीएनजी कार के फीचर्स भी तकरीबन समान होते हैं। मगर इसके बाद भी सीएनजी कार की कीमत पेट्रोल कार के मुकाबले 1 से 1.5 लाख रुपये ज्यादा होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि सीएनजी कारों का दाम पेट्रोल कार से ज्यादा क्यों होता है। चलिए आगे खबर में जानते हैं इसकी जानकारी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की सीएनजी कार को तैयार करने की लागत पेट्रोल कार से अधिक होती है। सीएनजी कार में एक प्रेशर स्टोरेज टैंक, प्रेशर रेगुलेटर, फिलिंग नोजल और पाइप जैसे कई उपकरण लगे होते हैं। कार में दिए गए सीएनजी पाइप में जंग नहीं लगता है। इसे तैयार करने में खर्चा थोड़ा ज्यादा हो जाता है। इसके अलावा सीएनजी कार के लिए इंजन में भी कुछ बड़े बदलाव किए जाते हैं। इसका सीधा असर गाड़ी की निर्माण लागत पर पड़ता है।
सीएनजी कार में सेफ्टी के लिए काफी ज्यादा फीचर्स दिए जाते हैं। इसके पीछे की वजह साफ है कि सीएनजी गैस एक जलने वाली गैस होती है। ऐसे में सीएनजी कार के टैंक में लीकेज या किसी तरह की खराबी होने पर गाड़ी में धमाके का डर रहता है। इस खतरे को देखते हुए सीएनजी टैंक को काफी मजबूत और सुरक्षित बनाया जाता है। हालांकि, इस वजह से कार की लागत बढ़ जाती है।
सीएनजी कार की किट को समय-समय पर रखरखाव और सर्विस की जरूरत होती है। अगर सीएनजी कार की नियमित अंतराल पर सर्विस नहीं कराई गई तो कार के कई उपकरण जल्दी खराब हो सकते हैं। साथ ही इन उपकरणों को बदलने पर इनकी लागत काफी ज्यादा आती है। इसके अलावा सीएनजी कार का सही रखरखाव करने के वाले काबिल मैकेनिकों की संख्या भी काफी कम है। इस वजह से भी इन कारों की कीमत पेट्रोल कार के मुकाबले अधिक होती है।