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Clean Energy: भारत ने रिन्यूएबल एनर्जी और क्लीन हाइड्रोजन में की है प्रगति, रिपोर्ट में खुलासा, जानें डिटेल्स

Wed, 17 Jan 2024 10:00 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

20 से ज्यादा मंत्रियों और सीईओ ने बुधवार को भारत सहित विभिन्न देशों से, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (विश्व आर्थिक मंच) के एक गठबंधन में शामिल होकर वैश्विक दक्षिण के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन (स्वच्छ ऊर्जा में शिफ्ट होने) के लिए आवश्यक अनुमानित 2.2-2.8 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर जुटाने का प्रयास किया। 
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Hydrogen Bus - फोटो : Social Media
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विस्तार
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20 से ज्यादा मंत्रियों और सीईओ ने बुधवार को भारत सहित विभिन्न देशों से, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (विश्व आर्थिक मंच) के एक गठबंधन में शामिल होकर वैश्विक दक्षिण के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन (स्वच्छ ऊर्जा में शिफ्ट होने) के लिए आवश्यक अनुमानित 2.2-2.8 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर जुटाने का प्रयास किया। 
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विश्व आर्थिक मंच ने अपनी वार्षिक बैठक 2024 में इस गठबंधन के शुभारंभ की घोषणा करते हुए कहा कि यह विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को उनके स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और उनके ऊर्जा संक्रमणों को स्थायी रूप से गति देने के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।

स्वच्छ ऊर्जा निवेश को जुटाने के लिए वैश्विक दक्षिण नेटवर्क में 20 से ज्यादा सीईओ और सरकारी मंत्री शामिल हैं, जिनमें कोलंबिया, मिस्र, भारत, जापान, मलेशिया, मोरक्को, नामीबिया, नाइजीरिया, नॉर्वे, केन्या और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
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फोरम ने यह भी एक नई रिपोर्ट जारी की, 'न्यायसंगत और समावेशी ऊर्जा संक्रमण के जरिए विश्वास का निर्माण', जो नीति निर्माताओं और ऊर्जा क्षेत्र के व्यापारिक नेताओं को एक न्यायपूर्ण, न्यायसंगत और समावेशी ऊर्जा संक्रमण की ओर मार्गदर्शन करने के लिए एक रूपरेखा पेश करती है। खास तौर पर विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में, जहां वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा निवेश का पांचवां हिस्सा भी नहीं हो पाता है।

वैश्विक दक्षिण में स्वच्छ ऊर्जा में कुल वार्षिक निवेश वर्तमान में 770 अरब डॉलर से तीन गुना बढ़कर 2030 के दशक की शुरुआत तक 2.2-2.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की जरूरत है। 
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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
रिपोर्ट में पाया गया है कि हालांकि हाल के वर्षों में खर्च में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह कुछ देशों और क्षेत्रों में ही केंद्रित है। 2021 से 90 प्रतिशत से ज्यादा निवेश बढ़ोतरी विकसित अर्थव्यवस्थाओं और चीन में हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में भारत और चीन जैसे उभरते अर्थव्यवस्थाओं ने नई एनर्जी टेक्नोलॉजी (ऊर्जा प्रौद्योगिकियों) और वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखलाओं) को तेजी से अपनाने और यहां तक कि उनमें अग्रणी बनने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने अपनी रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) क्षमता का काफी विस्तार किया है और क्लीन हाइड्रोजन में प्रगति की है।

विश्व आर्थिक मंच ने कहा कि इन टेक्नोलॉजी से जुड़ी अनिश्चितताओं को कम करने, उनके व्यापक अपनाने को सुविधाजनक बनाने और आगे इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना, हितधारकों के बीच ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देना और समाधानों को स्थानीय संदर्भों और प्राथमिकताओं के अनुकूल बनाना अनिवार्य है।

इसने यह भी कहा कि भारत, ब्राजील और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में स्वच्छ ऊर्जा निवेश और परियोजनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। कई अन्य उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में प्रगति धीमी रही है, खासकर ग्रिड के विस्तार और आधुनिकीकरण के मकसद से किए गए निवेशों में।
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