आपको बता दें कि कार के इंजन से पहले अगर एसी को बंद करते हैं तो इससे इंजन पर खराब प्रभाव नहीं पड़ता है। वहीं, कार के इंजन को एसी से पहले बंद करने पर एसी की कूलिंग क्षमता कम हो जाती है। कार का एसी गाड़ी के फ्यूल की अधिक खपत करता है, ऐसे में अगर इंजन बंद करने के बाद भी एसी चलता रहता है तो इससे एसी सिस्टम में बड़ी दिक्कत हो सकती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार का एसी अमूमन तीन भागों में बंटा होता है। इसमें वेंटिलेशन, ऑटोमेटिव हीटिंग और एयर कंडीशनर। कार में एसी सिस्टम आने के बाद से यही सिस्टम जारी है। ऐसे में हर ऑटो एक्सपर्ट यही सलाह देता है कि कार का इंजन बंद करने से पहले गाड़ी का एसी ऑफ करना चाहिए। ताकि एसी की क्षमता पर बुरा प्रभाव न पड़े।
अगर आप कार के इंजन को पहले बंद कर देते हैं और एसी कुछ समय बाद बंद करते हैं तो इससे गाड़ी की माइलेज पर खराब प्रभाव पड़ता है, क्योंकि इस दौरान इंजन ऑफ होता है, ऐसे में इंजन की परफॉर्मेस भी कम होती है। कार में एसी सही तरह से काम करे, इसके लिए एसी का कंप्रेसर सही कंडीशन में होना चाहिए। कंप्रेसर कार के इंजन के साथ जुड़ा होता है, ऐसे में अगर इंजन पहले बंद कर दिया तो फिर एसी पूरी तरह से खराब हो सकता है। वहीं, अगर ऐसा लगातार किया जाए तो इससे एसी की कूलिंग देर से होगी। कई मामलों में एसी की गैस भी खत्म हो जाती है। कार का इंजन बंद करने पर कार के सारे सिस्टम बंद हो जाते हैं।