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जानिये Bike Bot का पूरा मामला, ऐसे फंसे थे बड़ी संख्या में लोग

Wed, 26 Jun 2019 05:21 PM IST
Bani Kalra ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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बाइक बोट - फोटो : social
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बाइक टैक्सी चलाने वाली कंपनी Bike bot पर 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में बाइक बोट कंपनी के अतिरिक्त निदेशक को नोएडा पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस मामले में कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता संजय भाटी और विजयपाल कसाना को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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100 बाइक और जरूरी कागजात किये बरामद

बाइक बोट कंपनी के चीती गांव स्थित दफ्तर से 100 बाइक, कंप्यूटर, बड़ी संख्या में चेक, रजिस्टर व अन्य कागजात बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पुलिस जांच से बचने को स्वयं दफ्तर में आग लगाई थी। आरोपियों से पूछताछ व मामले की पड़ताल जारी है। 
 

ये है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक पौंजी स्कीम के तहत लगभग 8 लाख लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का अनुमान लगाया गया है। बाइक बोट कंपनी का जाल दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलावा कई दूसरे राज्यों में फैला था। बता दें की दनकौर कोतवाली क्षेत्र के चिती गांव निवासी संजय भाटी जीआइपीएल बाइक बोट के नाम से पोंजी नामक स्कीम को चलाता है जिसमें निवेशकों का पैसा एक साल में दो गुना करने की बात कही थी। यह कोई स्कीम नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा गोरखधंधा था।   
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करोड़ों की ठगी अनुमान

जिन लोगों ने बाइक बोट कंपनी के विवेश किया है उनका दावा है कि निवेशकों की संख्या सात लाख तक पहुंच सकती है और यह घोटाला करीब 4200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस घोटाले में पुलिस जांच में कई अहम जानकारियां भी मिल रही हैं जिससे स्पष्ट रकम का पता चल सकेगा।
 

मेरठ से हुई थी शुरुआत

बाइक बोट कंपनी के इस गोरखधंधे की शुरुआत मेरठ से 3 साल पहले हुई थी। स्कीम के अंतर्गत जो पुराने निवेशक थे उन्हें तीन और नए निवेशक जोड़ने पर हर बाइक पर 3 हजार रुपये का लोभ दिया गया था। इस स्कीम के चक्कर में काफी लोग फंसे थे और बर्बाद हुए थे।
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